{"_id":"57d3cb414f1c1b255631b300","slug":"america-indian-origin-woman-sentenced-to-15-years-in-jail","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" बेटी पर जुल्म करने वाली भारतीय मूल की महिला को अमेरिका में 15 साल कैद ","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
बेटी पर जुल्म करने वाली भारतीय मूल की महिला को अमेरिका में 15 साल कैद
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Sep 2016 03:02 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका में एक अदालत ने भारतीय मूल की महिला को अपनी सौतेली बेटी पर डेढ़ साल तक जुल्म ढहाने के लिए 15 साल जेल की सुनाई है। शीतल रनौत पर आरोप था कि वह 12 साल की सौतेली बेटी को भूखा रखती थी और उसकी बेरहमी से पिटाई करती थी।
बच्चे के साथ खतरनाक और जानलेवा व्यवहार करने पर जुलाई में शीतल को न्यायपीठ ने दोषी पाया था। क्वींस सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रिचर्ड बुचर ने शीतल को 15 साल की सजा सुनाई है। एक बार तो शीतल ने सौतेली बेटी माया को मेटल की झाड़ू से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी कलाई और हड्डयिों में गंभीर चोटें आई थी। पिटाई के कारण माया को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था।
विज्ञापन
बच्चे के साथ खतरनाक और जानलेवा व्यवहार करने पर जुलाई में शीतल को न्यायपीठ ने दोषी पाया था। क्वींस सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रिचर्ड बुचर ने शीतल को 15 साल की सजा सुनाई है। एक बार तो शीतल ने सौतेली बेटी माया को मेटल की झाड़ू से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी कलाई और हड्डयिों में गंभीर चोटें आई थी। पिटाई के कारण माया को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था।
विज्ञापन
शीतल रनौत एक खराब सौतेली मां का प्रतीक हैं।
डेमो पिक
- फोटो : getty images
बेरहमी से की गई माया की पिटाई के बाद पुलिस ने कड़ा कदम उठाया और बच्ची को उसके माता-पिता को नहीं सौंपा। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने शीतल के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने बच्ची के स्कूल में भी पूछताछ की जहां पुलिस को बताया गया कि उसने अपने ऊपर हो रहे जुल्म के बारे में बताया था।
क्वींस के जिला अटार्नी रिचर्ड ब्राउन ने कहा कि,'शीतल रनौत एक खराब सौतेली मां का प्रतीक हैं। शीतल ने न सिर्फ बच्ची को भूखा रखा बल्कि उसकी बुरी तरह पिटाई भी की। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान से दर्द को समझा जा सकता है। 12 साल की इस लड़की का वजन केवल 26 किलोग्राम रह गया है। किसी भी बच्चे के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जा सकता।'
क्वींस के जिला अटार्नी रिचर्ड ब्राउन ने कहा कि,'शीतल रनौत एक खराब सौतेली मां का प्रतीक हैं। शीतल ने न सिर्फ बच्ची को भूखा रखा बल्कि उसकी बुरी तरह पिटाई भी की। बच्ची के शरीर पर चोट के निशान से दर्द को समझा जा सकता है। 12 साल की इस लड़की का वजन केवल 26 किलोग्राम रह गया है। किसी भी बच्चे के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जा सकता।'