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India-US: स्वतंत्र हिंद-प्रशांत के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा अमेरिका

Thu, 08 Sep 2022 01:08 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 08 Sep 2022 01:08 AM IST
सार

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरन ज्यां पियरे ने कहा, भारत-अमेरिका रक्षा, टीका, जलवायु और प्रौद्योगिकी जैसे कई अहम क्षेत्रों में साझेदार हैं।

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America will work with India for an independent Indo Pacific
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

व्हाइट हाउस ने कहा है कि स्वतंत्र व मुक्त हिंद-प्रशांत को बढ़ावा देने, अपने लोगों को अवसर, सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान दिलाने के मकसद से अमेरिका, भारत के साथ मिलकर काम करेगा।

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरन ज्यां पियरे ने कहा, भारत-अमेरिका रक्षा, टीका, जलवायु और प्रौद्योगिकी जैसे कई अहम क्षेत्रों में साझेदार हैं। यह पूछने पर कि अगले 25 वर्षों में या 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अमेरिका किस प्रकार मदद कर सकता है, पियरे ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क लगातार बढ़ रहा है। 
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चीन के इस क्षेत्र में आक्रामक रुख अपनाने के बीच उन्होंने कहा, अमेरिका एक स्वतंत्र और मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में आगे बढ़ने और दुनिया भर में दोनों देशों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए भारत के साथ काम करना जारी रखेगा। 
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भारत से साझेदारी के लिए अमेरिका प्रतिबद्ध
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा, भारत के साथ हमारी साझेदारी में चीन हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा, चीन दक्षिण व पूर्वी चीन सागर में क्षेत्रीय विवादों में उलझा है। वह पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है। वियतनाम, मलेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और ताइवान के हालांकि इसे लेकर अपने दावे हैं।


अमेरिका का एक और प्रतिनिधिमंडल ताइवान पहुंचा
चीन और ताइवान के बीच जारी उठापटक के बीच अमेरिकी कांग्रेस का एक और प्रतिधिनिमंडल ताइवान पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने ताइवान की राष्ट्रपति साई इन वेंग से गुरुवार को मुलाकात भी की। यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब ताइवान और चीन के संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। इससे पहले अमेरिकी प्रतिनिधिसभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी अगस्त में ताइवान गई थीं। इसके बाद चीन ने अपने सैन्य अभ्यास को तेज कर दिया था।

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