{"_id":"5cf301efbdec22071b38b630","slug":"america-siege-china-on-south-sea-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"दक्षिण सागर के मुद्दे पर अमेरिका ने चीन को घेरा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
दक्षिण सागर के मुद्दे पर अमेरिका ने चीन को घेरा
Sun, 02 Jun 2019 04:23 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 02 Jun 2019 04:23 AM IST
विज्ञापन
america, China
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शानाहन ने अन्य देशों की प्रौद्योगिकी चुराने की चीन की कोशिशों और दक्षिण चीन सागर में चौकियां बनाने को लेकर उसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने यहां तक कहा कि बीजिंग के खराब बर्ताव का खात्मा होना चाहिए।
पैट्रिक शानाहन ने अंतररराष्ट्रीय मंच पर अपने पहले बड़े संबोधन में चीन और उत्तर कोरिया की चेतावनियों की तीखे शब्दों में निंदा की और कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अमेरिका हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व लाने के लिए अमेरिका लाखों डॉलर का निवेश करने के लिए भी तैयार है।
यद्यपि उन्होंने अपने शुरुआती संबोधन में खासतौर पर चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन क्षेत्र में विवादित द्वीप में उन्नत हथियार तंत्र स्थापित करने की चीनी गतिविधियों का जिक्र करके शानहन ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका निशाना किस पर है। अमेरिकी कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘कोई भी देश हिंद-प्रशांत में प्रभुत्व कायम नहीं कर सकता और न ही करना चाहिए।’
विज्ञापन
विज्ञापन
पैट्रिक शानाहन ने अंतररराष्ट्रीय मंच पर अपने पहले बड़े संबोधन में चीन और उत्तर कोरिया की चेतावनियों की तीखे शब्दों में निंदा की और कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अमेरिका हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व लाने के लिए अमेरिका लाखों डॉलर का निवेश करने के लिए भी तैयार है।
विज्ञापन
यद्यपि उन्होंने अपने शुरुआती संबोधन में खासतौर पर चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन क्षेत्र में विवादित द्वीप में उन्नत हथियार तंत्र स्थापित करने की चीनी गतिविधियों का जिक्र करके शानहन ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका निशाना किस पर है। अमेरिकी कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘कोई भी देश हिंद-प्रशांत में प्रभुत्व कायम नहीं कर सकता और न ही करना चाहिए।’
विज्ञापन