फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America should not meddle: Chinas opinion on the border dispute with India, said - we both neighbors will solve the issue

अमेरिका न दे दखल: भारत के साथ सीमा विवाद पर चीन की राय, बोला- हम दोनों पड़ोसी सुलझा लेंगे मसला

Fri, 28 Jan 2022 07:35 AM IST
सुरेंद्र जोशी एजेंसी बीजिंग
एजेंसी बीजिंग Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 28 Jan 2022 07:35 AM IST
सार

चीन ने यह भी कहा कि वह और भारत नहीं चाहता है कि कोई तीसरा पक्ष सीमा विवाद को लेकर मध्यस्थता करे। चीन के इस बयान पर भारत ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

विज्ञापन
America should not meddle: Chinas opinion on the border dispute with India, said - we both neighbors will solve the issue
LAC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत के साथ जारी सीमा विवाद को लेकर चीन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। दोनों पड़ोसी देश द्विपक्षीय ढंग से मसले को सुलझा लेंगे। दरअसल चीन द्वारा लद्दाख क्षेत्र में मनमाने ढंग से निर्माण कार्यों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। अन्य पड़ोसी देशों के साथ भी चीन के विस्तारवादी कदमों को लेकर अमेरिका व अन्य पश्चिमी देश उसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर चीन पर दबाव बढ़ रहा है। 

विज्ञापन


चीन ने यह भी कहा कि वह और भारत नहीं चाहता है कि कोई तीसरा पक्ष सीमा विवाद को लेकर मध्यस्थता करे। हालांकि चीन के इस बयान पर भारत ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। चीन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत के साथ सीमा समस्या द्विपक्षीय मसला है। उसने इस बयान को लेकर अमेरिका की आलोचना की कि चीन भारत समेत अपने पड़ोसियों को मजबूर कर रहा है। 
विज्ञापन


चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने कहा, 'कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञ 'दमन' शब्द के इस्तेमाल के इतने आदी हो चुके हैं कि वे भूल जाते हैं कि अमेरिका ही 'दबाव की कूटनीति' का आविष्कारक और बड़ा खिलाड़ी है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


कियान ने कहा कि चीन न तो किसी पर दबाव डालता है और न ही किसी के दबाव में आता है। वह अमेरिका की दबाव की कूटनीति का मजबूती से विरोध करता है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को अपनी मासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ निकट संपर्क में रह कर सीमा विवाद सुलझा लेंगे। 

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बीते दिनों जापान के पीएम किशिंदा के साथ 80 मिनट की वर्चुअल मीटिंग में चीन को चेतावनी दी थी। चीन सागर में चीन के बढ़ते दखल व भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ते दखल व यूक्रेन संकट के बीच ताइवान में आक्रमण न करने को लेकर उसे धमकाते हुए अमेरिका ने कहा था कि वह अपनी हरकतों से बाज आए। अमेरिका ने यह भी कहा था कि भारतीय सीमा पर चीन की हरकतों पर भी उसकी नजर है। 


चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे विवाद को हल करने के लिए भारत और चीन के बीच 12 जनवरी को हुई 14 वें दौर की सैन्य वार्ता से पहले व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी द्वारा की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए अमेरिका को नसीहत दी। साकी ने कहा था कि हम पूर्वी लद्दाख और दुनिया भर में बीजिंग के व्यवहार पर नजर रखे हुए हैं। हमें विश्वास है कि यह अस्थिर करने वाला हो सकता है। हम चीन को अपने पड़ोसियों को डराने-धमकाने के प्रयास से चिंतित हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed