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अमेरिका ने आतंकवादियों की सूची में लश्कर-ए-तैयबा को बरकरार रखा
Sat, 16 Jan 2021 02:52 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 16 Jan 2021 02:52 PM IST
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आतंकवादियों की सूची में लश्कर-ए-तैयबा को बरकरार रखा
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अमेरिका ने आतंकवादियों की सूची की समीक्षा करने के बाद आईएसआईएल-सीनाई पेनिनसुला (आईएसआईएल-एसपी) और अन्य संगठनों के साथ पाकिस्तान से संचालित लश्कर-ए-तैयबा और लश्कर-ए-झंगवी (एलजे) को उसमें बरकरार रखा है।
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सत्ता के हस्तांतरण के महज कुछ दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने एलजे और आईएसआईएल-एसपी से जुड़े संगठनों को शामिल करने के लिए घोषित आतंकवादियों की सूची में संशोधन किया है। विदेश मंत्रालय ने अतंरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों की सूची की समीक्षा की।
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समीक्षा करने के बाद विदेश मंत्रालय ने एलजे, आईएसआईएल-एसपी, लश्कर-ए-तैयबा, जैश रिजाल अल तारिक अल नक्शबंदी, जमातुल अंसारुल मुस्लिमिनिया फी बिलादीस-सूडान (अंसारु), अल-नुस्रत फ्रंट, कंटिन्यूटी आयरिश रिपब्लिकन आर्मी और नेशनल लिब्रेशन आर्मी को इस सूची में कायम रखा है।
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इस महीने की 14 तारीख को जारी संघीय रजिस्टर अधिसूचना में विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि प्रशासनिक दस्तावेजों की समीक्षा के आधार पर ...मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि जिन परिस्थितियों के अधार पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित किया जाता है, उनमें इतना बदलाव नहीं आया कि इन्हें प्रतिबंधों से बाहर किया जाए और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा उन संगठनों को प्रतिबंधों से बाहर करने की अनुमति नहीं देती।
उल्लेखनीय है कि लश्कर-ए-तैयबा ने वर्ष 2008 में मुंबई पर हमले को अंजाम दिया था और अमेरिका द्वारा 2001 से ही अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित है। विदेश मंत्रालय ने पहले बताया था कि लश्कर-ए-तैयबा को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद से वह प्रतिबंधों से बचने के लिए लगातार अपना नाम बदल रहा है और मुखौटा संगठन बना कर काम कर रहा है।
अमेरिका के राजस्व विभाग ने इस महीने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों के वित्तपोषण को रोकने के अभियान के तहत अमेरिका ने वर्ष 2019 में लश्कर-ए-तैयबा की 3,42,000 डॉलर की मदद बाधित की।