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अमेरिका: बाइडन ने छेड़ा जनता को अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज के फायदे बताने का अभियान, जानिए क्या है मामला

Sun, 21 Nov 2021 06:51 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, वॉशिंगटन
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 21 Nov 2021 06:51 PM IST
सार

जनमत सर्वेक्षणों से यह सामने आया है कि अमेरिका में ज्यादातर लोग जो बाइडन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहे हैँ। कुछ समय पहले जारी हुए सीएनएन के एक सर्वे के मुताबिक 58 फीसदी लोगों ने कहा कि बाइडन ने सबसे महत्त्वपूर्ण समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया है।

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America News Biden launched a campaign to tell the public the benefits of his infrastructure package Latest News Update
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज के फायदे जनता को समझाने के लिए जन संपर्क अभियान में उतर गए हैँ। 550 बिलियन डॉलर नए बजट के साथ 1.2 ट्रिलियन डॉलर के इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल को हाल में अमेरिकी कांग्रेस (संसद) ने पारित कर दिया था। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस योजना को लेकर अमेरिकी जनता में उत्साह नहीं दिखा है। इसके विपरीत आम लोग बढ़ रही महंगाई से परेशान हैँ। इसे देखते हुए ही राष्ट्रपति ने सीधे जनता के बीच जाने का फैसला किया।

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राष्ट्रपति बाइडन और सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए हाल में लगातार बुरी खबरें आई हैं। अखबार वॉशिंगटन पोस्ट और टीवी चैनल एबीसी की तरफ से कराए गए एक जनमत सर्वे से राष्ट्रपति की चिंता और बढ़ी है। इस सर्वे की खबर देते हुए वॉशिंगटन पोस्ट ने हेडिंग दी- आर्थिक असंतोष बढ़ा, बाइडन की एप्रूवल रेटिंग और गिरी। इस बारे में अपनी एक टिप्पणी में टीवी चैनल सीएनएन की जनमत सर्वे और चुनाव अनुसंधान निदेशक जेनिफर एगिएस्टा ने लिखा है- ‘निश्चित रूप से हाल के किसी सर्वे से बाइडन के लिए अच्छी खबर नहीं आई है।’   
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जनमत सर्वेक्षणों से यह सामने आया है कि अमेरिका में ज्यादातर लोग जो बाइडन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहे हैँ। कुछ समय पहले जारी हुए सीएनएन के एक सर्वे के मुताबिक 58 फीसदी लोगों ने कहा कि बाइडन ने सबसे महत्त्वपूर्ण समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया है। विश्लेषकों के मुताबिक अर्थव्यवस्था बाइडन की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। देश में मुद्रास्फीति की दर तेजी से बढ़ी है। जानकारों का कहना है कि इसमें अभी महीनों तक राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
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वॉशिंगटन पोस्ट और एबीसी के सर्वे से सामने आया है कि देश के 70 प्रतिशत लोगों की अर्थव्यवस्था के बारे में राय नकारात्मक हो गई है। 48 फीसदी लोग महंगाई के लिए बाइडन को दोषी मानते हैँ। 60 प्रतिशत लोगों ने राय जताई कि बाइडन ठोस उपलब्धि हासिल करने में नाकाम रहे हैँ।

इन हालात के बीच बाइडन प्रशासन को उम्मीद थी कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज पारित होने से लोगों की राय बदलेगी। इसीलिए राष्ट्रपति ने इसे कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की मंजूरी दिलाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। लेकिन बिल पास होने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया में कोई फर्क नहीं देखा गया है। इस वजह से बाइडन ने अब सीधे शहर-शहर जाकर इस पैकेज के फायदे बताने का फैसला किया है। वे खास कर उन शहरों का दौरा करेंगे, जहां इस पैकेज के तहत बड़े निर्माण कार्य प्रस्तावित हैँ।


न्यू जर्सी राज्य के पूर्व गवर्नर क्रिस क्रिस्टी ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी अपना संदेश ना पहुंचा सकने की समस्या से जूझ रही है। क्रिस्टी पहले पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के निकट सहयोगी थे। लेकिन इस साल छह जनवरी को कैपिटॉल हिल (संसद भवन) पर ट्रंप समर्थकों के हमले के बाद उन्होंने पाला बदल लिया। उन्होंने सीएनएन से कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी बाइडन के एजेंडे को ठीक से जनता के बीच नहीं पहुंचा सकी है। कुछ दूसरे पर्यवेक्षकों का भी कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज पर नए सरकारी खर्च को अमेरिकी जनता का एक बड़ा हिस्सा महंगाई का कारण मान रहा है।

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