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Trump: ईरान पर अमेरिका का बड़ा दावा, ट्रंप बोले- सात हजार से ज्यादा ठिकानों पर किया हमला; खर्ग द्वीप भी तबाह
Mon, 16 Mar 2026 10:22 PM IST
Himanshu Singh Chandel
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Mon, 16 Mar 2026 10:22 PM IST
सार
Donald Trump Statement: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में खर्ग द्वीप पर बड़ा हमला किया गया है और वहां के अधिकांश सैन्य ढांचे नष्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 7000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को लेकर बड़ा दावा किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के कई अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए हैं। ट्रंप के मुताबिक इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और उसकी हमलावर ताकत काफी कमजोर हो गई है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर भी हमला किया है। यह द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके अनुसार अमेरिकी हमले में द्वीप पर मौजूद लगभग सभी सैन्य ढांचे को नष्ट कर दिया गया। हालांकि तेल पाइपलाइन वाले हिस्से को जानबूझकर नहीं निशाना बनाया गया। ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका चाहे तो कुछ ही मिनटों में उस व्यवस्था को भी खत्म कर सकता है।
ये भी पढ़ें- मौत की अफवाहों के बीच पीएम नेतन्याहू ने जारी किया नया वीडियो, लोगों से की मुलाकात; क्या बातचीत हुई?
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खर्ग द्वीप पर हमला क्यों महत्वपूर्ण?
ट्रंप के अनुसार खर्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद अहम रणनीतिक केंद्र है। यहां से तेल निर्यात और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। अमेरिकी हमले में इस द्वीप के कई ढांचे को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की भरपाई करने में ईरान को काफी समय लगेगा। हालांकि तेल पाइपलाइन को नहीं छुआ गया ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल असर न पड़े।
होर्मुज में ईरान की क्षमता पर भी हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की उस क्षमता को भी निशाना बनाया है जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को खतरा पहुंचा सकता था। ट्रंप ने कहा कि ईरान के 30 से ज्यादा माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। उनका कहना है कि इससे समुद्री व्यापार की सुरक्षा को बड़ा फायदा होगा।
7000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले का दावा
ट्रंप ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिका ने ईरान में 7000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया है। इनमें सैन्य अड्डे, मिसाइल निर्माण संयंत्र और ड्रोन बनाने वाले कारखाने शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है और ड्रोन हमलों में 95 प्रतिशत गिरावट आई है।
ये भी पढ़ें- Iran-US War: होर्मुज संकट पर चीन की अमेरिका को सख्त चेतावनी, ट्रंप की पहल पर कहा- तुरंत रोके जाएं सैन्य अभियान
नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की वायुसेना और नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है। उनके अनुसार पिछले डेढ़ सप्ताह में ईरान के 100 से ज्यादा नौसैनिक जहाजों को नष्ट या डुबो दिया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं लगातार अलग-अलग दिशाओं से हमले कर रही हैं और हर घंटे नए हमले जारी हैं।
अन्य देशों से भी सहयोग की अपील
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य कई देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने उन देशों से भी सहयोग की अपील की है जिनकी अर्थव्यवस्था इस समुद्री मार्ग पर निर्भर है। ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से इस क्षेत्र को आर्थिक हथियार की तरह इस्तेमाल करता रहा है और अब इसे रोकना जरूरी है।
अन्य वीडियो-
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ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खर्ग द्वीप पर भी हमला किया है। यह द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके अनुसार अमेरिकी हमले में द्वीप पर मौजूद लगभग सभी सैन्य ढांचे को नष्ट कर दिया गया। हालांकि तेल पाइपलाइन वाले हिस्से को जानबूझकर नहीं निशाना बनाया गया। ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका चाहे तो कुछ ही मिनटों में उस व्यवस्था को भी खत्म कर सकता है।
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खर्ग द्वीप पर हमला क्यों महत्वपूर्ण?
ट्रंप के अनुसार खर्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद अहम रणनीतिक केंद्र है। यहां से तेल निर्यात और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। अमेरिकी हमले में इस द्वीप के कई ढांचे को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस नुकसान की भरपाई करने में ईरान को काफी समय लगेगा। हालांकि तेल पाइपलाइन को नहीं छुआ गया ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल असर न पड़े।
होर्मुज में ईरान की क्षमता पर भी हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की उस क्षमता को भी निशाना बनाया है जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को खतरा पहुंचा सकता था। ट्रंप ने कहा कि ईरान के 30 से ज्यादा माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। उनका कहना है कि इससे समुद्री व्यापार की सुरक्षा को बड़ा फायदा होगा।
7000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले का दावा
ट्रंप ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिका ने ईरान में 7000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया है। इनमें सैन्य अड्डे, मिसाइल निर्माण संयंत्र और ड्रोन बनाने वाले कारखाने शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है और ड्रोन हमलों में 95 प्रतिशत गिरावट आई है।
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नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की वायुसेना और नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है। उनके अनुसार पिछले डेढ़ सप्ताह में ईरान के 100 से ज्यादा नौसैनिक जहाजों को नष्ट या डुबो दिया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं लगातार अलग-अलग दिशाओं से हमले कर रही हैं और हर घंटे नए हमले जारी हैं।
अन्य देशों से भी सहयोग की अपील
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य कई देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने उन देशों से भी सहयोग की अपील की है जिनकी अर्थव्यवस्था इस समुद्री मार्ग पर निर्भर है। ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से इस क्षेत्र को आर्थिक हथियार की तरह इस्तेमाल करता रहा है और अब इसे रोकना जरूरी है।
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