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ट्रंप का सब्र टूट रहा?: ईरान के प्रस्ताव न मानने से अमेरिका नाराज, फिर हमले का आदेश दे सकते हैं राष्ट्रपति

Tue, 12 May 2026 10:18 AM IST
रिया दुबे वाशिंगटन डीसी, एएनआई
वाशिंगटन डीसी, एएनआई Published by: रिया दुबे Updated Tue, 12 May 2026 10:18 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के रवैये और परमाणु वार्ता में जारी गतिरोध से बेहद नाराज नजर आ रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

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America is angry with Iran for not accepting its proposal, President may order attack again
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टूट रहा सब्र - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान के रवैये से खुलकर नाराज नजर आ रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से आए प्रस्ताव और लगातार ठप पड़ी बातचीत से ट्रंप प्रशासन में भारी निराशा है। यही वजह है कि अब वॉशिंगटन एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
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कहां अटक रही है बातचीत?

सीएनएन ने मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत में लगातार गतिरोध और तेहरान का रवैया ट्रंप प्रशासन की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप इस बात से भी बेहद परेशान हैं कि ईरान रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। इसके अलावा उन्हें यह भी लगता है कि ईरानी नेतृत्व के भीतर मौजूद अंदरूनी मतभेद किसी भी सार्थक कूटनीतिक प्रगति में बाधा बन रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार, ईरान की हालिया प्रतिक्रिया के बाद अमेरिकी प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या तेहरान वास्तव में गंभीरता से बातचीत करना चाहता भी है या नहीं।
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ट्रंप प्रशासन के भीतर क्यों हो रहा मतभेद?

सीएनएन की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन के भीतर आगे की रणनीति को लेकर मतभेद उभर आए हैं। प्रशासन के कुछ अधिकारी, खासकर पेंटागन से जुड़े लोग, अब ईरान पर ज्यादा आक्रामक दबाव बनाने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि सीमित और लक्षित सैन्य हमलों के जरिए तेहरान की स्थिति को और कमजोर किया जा सकता है। वहीं, प्रशासन के भीतर एक दूसरा धड़ा अब भी यह मानता है कि कूटनीतिक प्रयासों को थोड़ा और समय दिया जाना चाहिए।

ईरान को क्यों नही है जल्दबाजी?

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि वॉशिंगटन और तेहरान बातचीत को लेकर अलग-अलग समयसीमा और सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक, ईरान दशकों से आर्थिक प्रतिबंधों और दबावों का सामना करता आया है, इसलिए हो सकता है कि उसे उतनी जल्दबाजी महसूस न हो जितनी ट्रंप प्रशासन उम्मीद कर रहा है।

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव पर क्या कहा?

सोमवार को ओवल ऑफिस में मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने (ईरान) जो कचरा हमें भेजा, उसे मैंने पूरा पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा। ईरान इस समय लाइफ सपोर्ट पर है। दोनों पक्षों के बीच जो संघर्षविराम है, वह भी मुश्किल से टिका हुआ है।

सैन्य कार्रवाई की अटकलें हुई तेज 

ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलें और तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ एक और अहम बैठक की, जिसमें ईरान के खिलाफ आगे की रणनीति और संभावित विकल्पों पर चर्चा हुई। हालांकि, मामले से जुड़े सूत्रों ने सीएनएन को बताया कि ट्रंप के मंगलवार दोपहर चीन रवाना होने से पहले कोई बड़ा फैसला लिए जाने की संभावना फिलहाल कम है। 

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