Iran-US Tension: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगाए नए प्रतिबंध; जारी परमाणु वार्ता के बीच उठाया ये कदम
अमेरिका परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देते रहे है। हालांकि ईरान ने हमेशा कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए है, न कि हथियार बनाने के लिए।
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ईरान के साथ जारी परमाणु वार्ता के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम में शामिल तीन लोगों और एक ईरानी कंपनी के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को इन प्रतिबंधों के बारे में जानकारी दी।
नए अमेरिकी प्रतिबंध परमाणु कार्यक्रम के तीन वरिष्ठ अधिकारियों और एक ईरानी कंपनी फूया पार्स प्रोस्पेक्टिव टेक्नोलॉजिस्ट पर लगाए गए हैं। इन लोगों और इकाई का संबंध तेहरान के रक्षात्मक नवाचार और अनुसंधान संगठन (SPND) से है। इन प्रतिबंधों के बाद अब इन तीनों व्यक्तियों और कंपनी की अमेरिका में स्थित सभी सम्पत्तियों को फ्रीज कर दिया जाएगा। साथ ही उनके साथ व्यापारिक लेन-देन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
अमेरिकी विदेश विभाग ने प्रतिबंधों की घोषण करते हुए कहा कि फूया पार्स प्रोस्पेक्टिव टेक्नोलॉजिस्ट्स, जिसे आइडियल वैक्यूम के नाम से भी जाना जाता है, एक एसपीएनडी-संबद्ध कंपनी है। इस कंपनी वे विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से उपकरण खरीदने के साथ-साथ स्वदेशी रूप से भी निर्माण करने का प्रयास किया है, ये उपकरण ईरान के परमाणु हथियार अनुसंधान और विकास में लागू हो सकते हैं।
चौथे दौर की परमाणु वार्ता से अमेरिका व ईरान उत्साहित
बता दें कि ये प्रतिबंध तब लगाए गए हैं जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी व ईरानी प्रतिनिधियों के बीच रविवार को चौथे दौर की बैठक हुई। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि वार्ता के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर अमेरिकी व ईरानी वार्ताकार उत्साहित हैं।
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसी हफ्ते पश्चिम एशिया का दौरा करने वाले हैं। ओमान की राजधानी मस्कट में यह वार्ता ओमानी अधिकारियों की मध्यस्थता में करीब तीन घंटे चली। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के हवाले से सरकारी टेलीविजन ने बताया कि वार्ता लंबी चली और अगले दौर की वार्ता के लिए चर्चा जारी है। हालांकि, बघाई ने ब्योरा नहीं दिया। बंद कमरे में हुई बातचीत के बारे में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, वार्ता को जारी रखने पर सहमति बनी है। इसमें तकनीकी पहलुओं पर काम किया जाएगा। हम आज के परिणाम से उत्साहित हैं और अगली बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो निकट भविष्य में होगी।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान का रुख साफ
अमेरिका परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देते रहे है। हालांकि ईरान ने हमेशा कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए है, न कि हथियार बनाने के लिए। गौरतलब है कि ट्रंप ने अमेरिका को 2015 में हुए परमाणु समझौते से अलग कर लिया था और धमकी दी थी कि अगर नया समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर सैन्य हमला किया जा सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच, समझिए पूरा मामला
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद की बात करें तो अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन बंद करे, क्योंकि उसे शक है कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है। लेकिन वह मानता है कि उसकी अर्थव्यवस्था पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने के लिए वह कुछ समझौते करने को तैयार है।
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