{"_id":"5c8e1766bdec22143149657f","slug":"america-gun-violence-shooting-competition-in-schools-students-participation-increased","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका: बंदूक हिंसा के बावजूद स्कूलों में हो रही शूटिंग प्रतियोगिता, छात्रों की हिस्सेदारी बढ़ी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका: बंदूक हिंसा के बावजूद स्कूलों में हो रही शूटिंग प्रतियोगिता, छात्रों की हिस्सेदारी बढ़ी
Sun, 17 Mar 2019 03:16 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 17 Mar 2019 03:16 PM IST
विज्ञापन
यूएसए क्ले टारगेट
- फोटो : Twitter/USA Clay Target
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी के कई कांड हुए हैं। जिनमें कई बार ऐसे जघन्य कांड को स्कूली छात्रों ने अंजाम दिया है। लेकिन बावजूद इसके स्कूलों में बच्चों के लिए शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है और इसमें बच्चों की हिस्सेदारी 137 फीसदी तक बढ़ गई है।
मिनेसोटा स्टेट हाईस्कूल दावा करती है कि उनके यहां आयोजित होनेवाली क्ले टारगेट निशानेबाजी लीग चैंपियनशिप दुनिया की सबसे बड़ी निशानेबाजी प्रतियोगिता है। पिछले साल जून में 300 स्कूलों के 8000 विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था।
इस आयोजन में अमेरिकी सेना, नेशनल राइफल एसोसिएशन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टी शर्ट बेच रहे एक व्यक्ति के स्पॉन्सर टेंट लगे थे। इस मजमे को देखकर लग रहा था मानो आटो रेस नेस्कार सर्किट का आयोजन हो रहा हो। बस फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें शिरकत करने वाले स्टार किशोर और किशोरी थे।
विज्ञापन
मिसाल के लिए साल 2015 में यूएसए क्ले टारगेट लीग में तीन राज्यों के 317 स्कूलों के 9245 छात्रों ने भाग लिया था। उसके बाद छात्रों की भागीदारी में 137 फीसदी इजाफा हुआ है। 2018 में 20 राज्यों के 21,917 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया।
विज्ञापन
मिनेसोटा स्टेट हाईस्कूल दावा करती है कि उनके यहां आयोजित होनेवाली क्ले टारगेट निशानेबाजी लीग चैंपियनशिप दुनिया की सबसे बड़ी निशानेबाजी प्रतियोगिता है। पिछले साल जून में 300 स्कूलों के 8000 विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था।
विज्ञापन
इस आयोजन में अमेरिकी सेना, नेशनल राइफल एसोसिएशन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टी शर्ट बेच रहे एक व्यक्ति के स्पॉन्सर टेंट लगे थे। इस मजमे को देखकर लग रहा था मानो आटो रेस नेस्कार सर्किट का आयोजन हो रहा हो। बस फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें शिरकत करने वाले स्टार किशोर और किशोरी थे।
विज्ञापन
अमेरिका में गोलीबारी कांड पर खूब प्रदर्शन हुए
अमेरिका में स्कूलों और अन्य जगहों पर सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं के बाद कई स्कूलों में विरोध प्रदर्शन हुए। कक्षाओं का बहिष्कार किया गया। फिर भी ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है जो पढ़ाई के अलावा सिखाए जाने वाली चीजों में शूटिंग टीमों को मंजूरी देते हैं।मिसाल के लिए साल 2015 में यूएसए क्ले टारगेट लीग में तीन राज्यों के 317 स्कूलों के 9245 छात्रों ने भाग लिया था। उसके बाद छात्रों की भागीदारी में 137 फीसदी इजाफा हुआ है। 2018 में 20 राज्यों के 21,917 विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया।
बंदूक की संस्कृतिक को मिल रहा बढ़ावा
gun
- फोटो : social media
शूटिंग में बढ़ती दिलचस्पी अमेरिका में बंदूक और किशोरवय की पेचीदा और चुनौतीपूर्ण वास्तविकताओं की झलक पेश करती है। अमेरिका में बंदूक पर चल रही राष्ट्रीय बहस हाई स्कूलों की शूटिंग टीमों पर भी केंद्रित रहती है। नेशनल रायफल एसोसिएशन (एनआरए) इन आयोजनों के लिए पैसा देती है।
साल 2014 से 2016 के बीच उसने स्कूलों और शूटिंग के खेल से जुड़े संगठनों को 40 लाख डॉलर दिए। बताया जाता है कि एनआरए यह रकम गन सेफ्टी और ट्रेनिंग के लिए खर्च करता है।
लेकिन इसका संबंध एनआरए के एक ऐसी राजनीतिक शक्ति के रूप में बदलने से भी है जो सांस्कृतिक अनुदारवाद के साथ बंदूक को बढ़ावा देती है। एनआरए के सदस्य और एक स्कूल के शूटिंग कोच बैरी थॉम्पसन बताते हैं, "हमारा अप्रत्यक्ष उद्देश्य है। ये बच्चे आगे जाकर मतदाता बनेंगे।"
लिंडा रोसेनथाल ने शूटिंग प्रतियोगिताओं में अपने राज्य के सरकारी स्कूलों की भागीदारी रोकने के लिए विधेयक पेश किया है। वे जिक्र करती हैं, पार्कलैंड फ्लोरिडा में मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में 17 बच्चों की हत्या का आरोपी निकोलस क्रुज उनके हाईस्कूल की राइफल टीम का सदस्य था।
साल 2014 से 2016 के बीच उसने स्कूलों और शूटिंग के खेल से जुड़े संगठनों को 40 लाख डॉलर दिए। बताया जाता है कि एनआरए यह रकम गन सेफ्टी और ट्रेनिंग के लिए खर्च करता है।
लेकिन इसका संबंध एनआरए के एक ऐसी राजनीतिक शक्ति के रूप में बदलने से भी है जो सांस्कृतिक अनुदारवाद के साथ बंदूक को बढ़ावा देती है। एनआरए के सदस्य और एक स्कूल के शूटिंग कोच बैरी थॉम्पसन बताते हैं, "हमारा अप्रत्यक्ष उद्देश्य है। ये बच्चे आगे जाकर मतदाता बनेंगे।"
शूटिंग प्रतियोगिता का विरोध
गन रखने की छूट देने के आलोचक भी मुद्दे को इस नजर से देखते हैं। न्यूयॉर्क सिटी से राज्य विधानसभा की डेमोक्रेटिक सदस्य लिंडा रोसेनथाल का कहना है, 'एनआरए जिस बात का समर्थन करता है, वह समाज के लिए अच्छा नहीं है। यह एनआरए का प्रभाव बढ़ाने और बंदूक के इस्तेमाल का विस्तार करने के लिए फायदेमंद है'।लिंडा रोसेनथाल ने शूटिंग प्रतियोगिताओं में अपने राज्य के सरकारी स्कूलों की भागीदारी रोकने के लिए विधेयक पेश किया है। वे जिक्र करती हैं, पार्कलैंड फ्लोरिडा में मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में 17 बच्चों की हत्या का आरोपी निकोलस क्रुज उनके हाईस्कूल की राइफल टीम का सदस्य था।