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अमेरिका: डेल्टा बना चिंता का नया कारण, सीडीसी ने दी हिदायत, टीके लगवाएं

Thu, 17 Jun 2021 06:21 AM IST
Kuldeep Singh न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 17 Jun 2021 06:21 AM IST
सार

  • सीडीसी ने अपील की है कि देश में लग रहा टीका इस रूप के खिलाफ असरदार
  • नई लहर से खुद को बचाने के लिए टीका लगवाएं
  • एस्ट्रजेनेका की एक डोज डेल्टा वैरिएंट से बचाव में सिर्फ 33 फ़ीसदी कारगर
  • ब्रिटेन ने भी डेल्टा को देख 21 जून से राहत देने के फैसले पर रोक लगा दी है।

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America: Delta became a new cause for concern, CDC instructed, get vaccinated
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

अमेरिका कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को फैलते देख सतर्क हो गया है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने डेल्टा को चिंताजनक बताते हुए लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। ब्रिटेन ने भी डेल्टा के प्रसार को देख 21 जून से राहत देने के फैसले पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है।

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सीडीसी ने अपील की है कि देश में लग रहा टीका इस रूप के खिलाफ असरदार है। इसलिए बाकी लोग भी नई लहर से खुद को बचाने के लिए टीका लगवाएं। एक नई रिपोर्ट के चिंता बढ़ा दी है। इसके मुताबिक एस्ट्रजेनेका की एक डोज डेल्टा वैरिएंट से बचाव में सिर्फ 33 फ़ीसदी कारगर है।
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अमेरिका में 44% को टीका लगा 
सिर्फ 44 फ़ीसदी आबादी को टीके की दोनों डोज लग पाई है। सीडीसी की सलाहकार डॉ समर  गैलोवे का कहना है कि संक्रमित घट रहे हैं। लोग टीका भी लगवा रहे हैं।

कई गुना तेजी से फैल रहा 
डॉक्टर समर गैलोवे बताती हैं कि 22 मई तक वायरस फैलने की दर 2.7 फ़ीसदी थी जो 5 जून को बढ़कर 10 फीसदी हो गई। डॉक्टर गैलोवे का कहना है कि अल्फा वैरिएंट बी1.1.7 से डेल्टा 50 गुना अधिक संक्रामक है। हां अभी इसका कोई साक्ष्य नहीं है कि यह कितना घातक है।
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वैरीएंट को लेकर सचेत रहे 
कोरोना वायरस वैरिएंट को बी1.617 समेत छह रूपों को लेकर सतर्कता जरूरी है। डेल्टा वैरिएंट की पहचान सबसे पहले दिसंबर में भारत में हुई थी जो जून तक दुनिया के 54 देशों तक पहुंच चुका है। ब्रिटेन में इसकी मौजूदगी का पता मार्च में लगा। इसके बाद पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने 28 अप्रैल को इसे चिंताजनक स्वरूप बताया। इसके बाद डब्ल्यूएचओ ने भी मई में चिंताजनक घोषित कर दिया।

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