इस्राइली पीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप, अटॉर्नी जनरल ने कहा- नेतन्याहू ने भरोसा तोड़ा
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एक तरफ बेनी गैंट्ज के निर्धारित अवधि में गठबंधन न बना पाने के बाद इस्राइल एक वर्ष में तीसरी बार चुनाव की तरफ बढ़ रहा है जिसका प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लाभ मिलने के आसार जताए जा रहे हैं। दूसरी तरफ इस्राइली अटॉर्नी जनरल के पीएम पर लगाए तीन अलग-अलग मामलों में रिश्वत लेने, धोखाधड़ी करने और भरोसा तोड़ने के आरोप तय हुए हैं। इससे उनकी पकड़ कमजोर होगी।
नेतन्याहू पर आरोप है कि उन्होंने रईस कारोबारियों से न सिर्फ कीमती उपहार लिए बल्कि अपने पक्ष में ज्यादा प्रेस कवरेज हासिल करने के लिए पक्षपात भी किया। अटॉर्नी जनरल अविखाई मंडोब्लिट ने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, मैंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपने फैसले के बारे में बता दिया है।
मैंने यह भी बताया कि उन पर तीन आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। जिस दिन कोई भी अटॉर्नी जनरल किसी पीएम पर भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में मुकदमा चलाने की कहता है वह दिन दुखद होता है, इसलिए मेरे व इस्राइल के लोगों के लिए आज का दिन दुख का दिन है।
तख्तापलट की साजिश
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उन पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए इसे तख्तापलट की साजिश बताया। उन्होंने कहा, मुझे वामपंथी विरोधियों और मीडिया ने निशाना बनाया है। पीएम ने जोर दिया कि वे इस्तीफा नहीं देंगे और वे कानूनी रूप से ऐसा करने के लिए बाध्य भी नहीं हैं। नेतन्याहू ने कहा, आज शाम को हम एक पीएम के खिलाफ तख्तापलट की साजिश का गवाह बने हैं। यह सब आरोप झूठे और दोषपूर्ण हैं।