फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Ales Bialiatski, Memorial and Center for civil Liberties wins Nobel Peace Prize 2022

Nobel Peace Prize: बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता को शांति का नोबेल, रूस-यूक्रेन की दो संस्थाएं भी चुनी गईं

Fri, 07 Oct 2022 03:15 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 07 Oct 2022 03:15 PM IST
सार

शांति के नोबेल के लिए बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की (Ales Bialiatski) के अलावा दो संस्थाओं मेमोरियल (Memorial) और सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज (Center for civil Liberties) के नामों का एलान किया गया है। 

विज्ञापन
Ales Bialiatski, Memorial and Center for civil Liberties wins Nobel Peace Prize 2022
Nobel Peace Prize 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नोबेल शांति पुरस्कार 2022 का एलान कर दिया गया है। इस बार एक व्यक्ति व दो संस्थाओं को नोबेल का शांति पुरस्कार दिया जाएगा। बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की (Ales Bialiatski) के अलावा दो संस्थाओं मेमोरियल (Memorial) और सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज (Center for civil Liberties) के नामों का एलान किया गया है। इमनें मेमोरियल रूस में कार्यरत है तो सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज यूक्रेनी संस्था है। 

विज्ञापन


इन शांति पुरस्कार विजेताओं ने युद्ध अपराधों, मानवाधिकारों के हनन और सत्ता के दुरुपयोग का दस्तावेजीकरण किया। साथ ही शांति व लोकतंत्र की स्थापना के लिए नागरिक समाज के महत्व पर जोर दिया। विजेताओं ने अपने देश में वर्षों से आलोचना के अधिकार के साथ ही जनता के मूल अधिकारों की वकालत की। 

विज्ञापन


कौन हैं एलेस बियालियात्स्की?
बेलारूसी मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की 1980 के दशक में लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने वालों में से एक हैं। 1996 में उन्होंने Viasna संगठन की स्थापना की। उन्होंने सारा जीवन राजनीतिक कैदियों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों, देश में लोकतंत्र की स्थापना और शांतिपूर्ण विकास के लिए समर्पित किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन


मेमोरियल के बारे में जानिए 
पूर्व सोवियत संघ के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से 1987 में इस संस्था की स्थापना की गई थी। संस्था का मुख्य उद्देश्य कम्युनिस्ट शासन के पीड़ित लोगों की मदद करना व चेचन्या युद्ध में किए गए अत्याचारों की आवाज दुनिया तक पहुंचाना था। 



क्या है द सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज 
यूक्रेनी नागरिक समाज को संगठित व मजबूत करने के लिए इस संस्था की स्थापना की गई। फरवरी, 2022 मे रूसी हमले के बाद इस संस्था ने रूसी युद्ध अपराधों की पहचान करने और उनके खिलाफ सबूत इकट्ठा करने का काम किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed