कैसे ठिकाने लगा जवाहिरी: बालकनी में आना पड़ा भारी, बाइडन-CIA की सीक्रेट मीटिंग में ऐसे बना था खात्मे का प्लान
बिंदुवार समझते हैं कि अल-जवाहिरी को मार गिराने के लिए कैसे चला बैठकों का दौर, 01 जुलाई को सीआइए अधिकारियों के साथ बाइडन की बैठक में क्या-क्या तय हुआ था?
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आतंकी सरगना अल-जवाहिरी की मौत अलकायदा के लिए ओसामा-बिन-लादेन के बाद दूसरा सबसे बड़ा झटका है। अमेरिका ने जिस तरह से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। ठीक ऐसे ही अमेरिका ने ओसामा-बिन-लादेन को भी पाकिस्तान में मार गिराया था। बिंदुवार समझते हैं कि अल-जवाहिरी को मार गिराने के लिए कैसे चला बैठकों का दौर, 01 जुलाई को सीआइए अधिकारियों के साथ बाइडन की बैठक में क्या-क्या तय हुआ था?
- अमेरिका को शक था कि जवाहिरी या तो पाकिस्तान के कबायली इलाके या फिर अफगानिस्तान में छिपा हुआ है।
- पिछले कई सालों से अमेरिकी सरकार को एक ऐसे आतंकी नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल रही थी, जिसका समर्थन अल-जवाहिरी कर रहा था।
- अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसी को काबुल में अलकायदा की उपस्थिति के संकेत व सबूत मिल रहे थे।
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I made a promise to the American people that we’d continue to conduct effective counterterrorism operations in Afghanistan and beyond.
— President Biden (@POTUS) August 2, 2022
We have done that. pic.twitter.com/441YZJARMX
- इसी साल अमेरिकी अधिकारियों को पता चला कि जवाहिरी की पत्नी व बच्चे काबुल स्थित एक घर में रहते हैं। इसी जगह पर जवाहिरी के होने की पहचान की गई।
- अगले कुछ महीनों में सुरक्षा अधिकारियों ने इस बात को और पक्का किया कि पहचान किया जाने वाला शख्स अलकायदा चीफ अल-जवाहिरी ही है।
- इसके बाद अप्रैल से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को इस पूरे मामले की ब्रीफिंग शुरू कर दी गई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी जानकारी दी।
- सीआईए ने जवाहिरी के घर के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दी। घर कैसे बना है। वहां पर आने-जाने के कितने रास्ते हैं। इसकी विस्तृत जानकारी इकट्ठा की गई। जिससे मिशन को अंजाम देते वक्त जवाहिरी के परिवार व अन्य नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे।
- राष्ट्रपति जो बाइडन ने कैबिनेट सदस्यों के साथ बैठक की और पूरे मिशन के बारे में जानकारी दी।
- 1 जुलाई को सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में जो बाइडन व अन्य कैबिनेट सदस्यों को प्रस्तावित ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बाइडन ने मिशन के बारे में, उसकी सफलता, ऑपरेशन को अंजाम देने के तरीके के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अल-जवाहिरी के घर का मॉडल भी बाइडन को दिखाया गया।
- इसके बाद कानूनी स्तर पर भी इस मिशन के बारे में जानकारी ली गई और वरिष्ठ वकीलों को खुफिया रिपोर्ट की जानकारी दी गई।
- 25 जुलाई को इस मिशन को अंजाम देने के लिए अंतिम बैठक हुई। इसमें राष्ट्रपति जो बाइडन ने सटीक ड्रोन हमले(जिसमें नागरिकों को कम से कम नुकसान हो) की अनुमति दी।
- 31 जुलाई, रविवार को सीआईए को अल-जवाहिरी घर की बालकनी में दिखा। इसके बाद ड्रोन से हमला कर उसे मार गिराया गया।