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AI: तस्करों की मदद से अमेरिकी एआई प्रतिबंधों से बच रहा चीन, एनवीडिया माइक्रोचिप्स की बिक्री रोकना चाहता है US

Mon, 05 Aug 2024 04:02 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 05 Aug 2024 04:02 AM IST
सार

प्रतिबंधों ने चीन के लिए एआई विकसित करना कठिन और अधिक महंगा बना दिया है, लेकिन 85 से अधिक वर्तमान और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों और उद्योग विश्लेषकों के साक्षात्कारों व कॉर्पोरेट रिकॉर्डों की समीक्षा से पता चलता है कि बड़े मुनाफे को देखते हुए दुनियाभर के कारोबारियों ने प्रतिबंधों से बचने के तरीके खोज लिए हैं। 
 

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AI sanctions US wants to stop Nvidia microchips from reaching China
एआई तकनीक - फोटो : free pic

विस्तार

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन के बाजारों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक में इस्तेमाल होने वाली माइक्रोचिप्स धड़ल्ले से बिक रही हैं। इनमें शीर्ष अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया की चिप्स का एक बड़ा हिस्सा शामिल है, जो वाशिंगटन समेत पूरे विश्व के लिए किसी खतरे से कम नहीं है।

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जानकारों की मानें तो यह माइक्रोचिप्स सबसे उन्नत अमेरिकी नवाचार है, जो स्व-चालित कारों, चैटबॉट और चिकित्सा अनुसंधान को शक्ति प्रदान करता है। रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी इसके जरिये अमेरिका ने तेजी से प्रगति की है, लेकिन अब डर है कि इसकी मदद से चीन अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा सकता है। ये चिप्स उन्नत हथियार विकसित करने, साइबर हमले और युद्ध के मैदान में तेजी से निर्णय लेने में उसकी मदद कर सकते हैं। हालांकि, अमेरिका ने कुछ हद तक सफलता के साथ इन चिप्स के निर्यात को नियंत्रित करने की कोशिश की है, फिर भी तस्करों और मुखौटा कंपनियों की जरिये चीनी बाजारों में इनकी आसान पहुंच किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। चीनी शहर शिनझेन के एक व्यापारी ने कहा कि वह मात्र दो सप्ताह में डिलीवरी के लिए चिप्स मंगवा सकता है। एक अन्य व्यापारी के मुताबिक, कंपनियां एक बार में उससे 200 या 300 चिप्स मंगवाने का आर्डर देती हैं। एक अन्य विक्रेता ने कहा, उसने हाल ही में एनवीडिया के 2,000 से ज्यादा सबसे उन्नत चिप्स के साथ सर्वरों का एक बड़ा बैच हांगकांग से चीन भेजा है, जिसकी कीमत लगभग 103 मिलियन डॉलर थी।
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हो रहा अवैध कारोबार
प्रतिबंधों ने चीन के लिए एआई विकसित करना कठिन और अधिक महंगा बना दिया है, लेकिन 85 से अधिक वर्तमान और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों और उद्योग विश्लेषकों के साक्षात्कारों व कॉर्पोरेट रिकॉर्डों की समीक्षा से पता चलता है कि बड़े मुनाफे को देखते हुए दुनियाभर के कारोबारियों ने प्रतिबंधों से बचने के तरीके खोज लिए हैं। एक मामले में चीनी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए एक नई कंपनी बनाई, जो चीन में एआई सर्वर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है और एनवीडिया, इंटेल और माइक्रोसॉफ्ट की भागीदार है। अमेरिकी कंपनियों ने वहां कुछ उत्पादों को बेचने के लिए वैकल्पिक तरीके खोज लिए हैं।
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बढ़ सकते हैं प्रतिबंध
अक्तूबर 2022 से अब तक अमेरिका चीन पर कई प्रतिबंध लगा चुका है। बाइडन प्रशासन ने सैकड़ों चीनी कंपनियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले संगठनों की सूची में भी शामिल किया। जल्द इन प्रतिबंधों में और विस्तार हो सकता है।


बेचने के बाद नहीं कर सकते ट्रैक: एनवीडिया
एनवीडिया के प्रवक्ता जॉन रिजो ने कहा, हम सभी अमेरिकी निर्यात नियंत्रणों का अनुपालन करते हैं और अपने ग्राहकों से भी यही अपेक्षा करते हैं। उन्होंने कहा, हम उत्पादों को बेचे जाने के बाद ट्रैक नहीं कर सकते हैं, लेकिन अगर हम यह निर्धारित करते हैं कि कोई ग्राहक अमेरिकी निर्यात नियंत्रणों का उल्लंघन कर रहा है, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे।

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