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करतारपुर कॉरिडोर की कार्य प्रणाली पर भारत और पाकिस्तान ने की बैठक, नहीं बन पाई सहमति
Tue, 28 May 2019 03:15 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Tue, 28 May 2019 03:15 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
भारत और पाकिस्तान के विशेषज्ञों ने सोमवार को करतारपुर जीरो प्वाइंट पर कॉरिडोर (गलियारा) की कार्य प्रणाली पर चर्चा के लिए बैठक की। दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञों के बीच रावी खादर के ऊपर पुल निर्माण की सहमति नहीं बन पाई, जिससे पाकिस्तान के गुरुद्वारा साहिब को भारत के डेरा बाबा नानक से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना करतारपुर कॉरिडोर परियोजना में रुकावट आ गई। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच आगामी आगामी बैठक की तिथि भी तय नहीं हो पाई।
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जानकारी के अनुसार यह बैठक केवल एक घंटे तक चली। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य को लेकर जानकारी साझा की। भारत रावी नदी के ऊपर एक किलोमीटर लंबा पुल बनाना चाहता है जबकि पाकिस्तान ने सड़क बनाने की जरूरत बताई। भारतीय अधिकारियों ने नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सड़क निर्माण को लेकर आपत्ति जताई। वहीं, पाक अधिकारियों ने कहा कि सड़क के चारों ओर बांध का निर्माण किया जा सकता है और बाढ़ से बचने के लिए सड़क का झुकाव ऊंचा रखा जा सकता है।
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बैठक में भारतीय समूह में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे। वहीं पाकिस्तान की ओर से संघीय जांच एजेंसी, सीमा शुल्क, निर्माण, पाकिस्तान रेंजर्स पंजाब और सर्वे ऑफ पाकिस्तान के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। इससे पहले दोनों पक्षों के तकनीकी विशेषज्ञों और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इसी जगह पर अप्रैल में वार्ता की थी। इससे पहले मार्च में हुई बैठक मं दोनों देशों ने डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब गलियारे में सीमा पर बाड़ और विकास कार्य के लिए अपनी-अपनी सरकारों को सर्वेक्षण और नक्शे मुहैया कराने का निर्णय लिया था।
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