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कश्मीर पर मध्यस्थता: अमेरिका में ही घिरे ट्रंप, व्हाइट हाउस को देनी पड़ी सफाई

Tue, 23 Jul 2019 11:02 AM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Tue, 23 Jul 2019 11:02 AM IST
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After Trump's false claim on Kashmir Congress man calls it immature
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI

कश्मीर पर मध्यस्थता वाला बयान देने के बाद अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद ही घिरते जा रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य ब्रैड शेरमैन ने ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए इसे अपरिपक्व और भ्रमित करने वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी ट्रंप से मध्यस्थता को लेकर आग्रह नहीं किया है।

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ट्रंप के कश्मीर पर बयान के बाद ब्रैड शेयरमैन ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा, "दक्षिण एशिया की राजनीति की थोड़ी सी जानकारी रखने वाले लोग भी ये बात जानते हैं कि भारत कश्मीर मामले में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का हमेशा से ही विरोधी रहा है। सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कभी कश्मीर पर मध्यस्थता का आग्रह नहीं करेंगे। ट्रंप का इस मामले में बयान अपरिपक्व, भ्रामक और शर्मिंदा करने वाला है।" 

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क्या बोले ट्रंप?

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की पेशकश की। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अगर मैं इस मामले में मदद कर सकूं तो मुझे मध्यस्थ बनने में खुशी होगी।


अपने ऊट-पटांग बयानों के लिए चर्चित ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही थी। मीडिया से रूबरू हुए ट्रंप ने कहा कि यदि भारत-पाकिस्तान चाहें तो वह मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने दावा किया कि पिछले महीने जापान के ओसाका में जी-20 समिट के दौरान उनकी मोदी से कश्मीर मसले पर बातचीत हुई थी।

बकौल ट्रंप मोदी ने उनसे पूछा था कि क्या आप मध्यस्थ बनना चाहेंगे? मैंने पूछा कहां, तो उन्होंने कहा कश्मीर पर। ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय भी हल चाहते हैं, आप हल चाहते हैं और अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मुझे खुशी होगी। दो शानदार देश, जिनके पास स्मार्ट लीडरशिप है वे इतने सालों से यह मसला हल नहीं कर पा रहे हैं।

अगर आप चाहते हैं कि मैं मध्यस्थता करूं, तो मैं यह करूंगा। भारत के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं। मुझे पता है कि भारत के साथ पाक का रिश्ता काफी तनावपूर्ण है, लेकिन हम भारत से बात करेंगे।

इससे पहले पीएम बनने के बाद पहली बार व्हाइट हाउस पहुंचे इमरान ने ट्रंप के सामने भी कश्मीर राग अलापा। इमरान ने कहा- मैंने सबसे शक्तिशाली देश होने के नाते ट्रंप से कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही है। यदि अमेरिका राजी है, तो एक अरब से ज्यादा लोगों की दुआएं उनके साथ हैं।

क्या बोला व्हाइट हाउस?

हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद व्हाइट हाउस से जारी विज्ञप्ति में 'कश्मीर' मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया गया। व्हाइट हाउस ने बयान में कहा, हम शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना चाहते हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर ट्रंप ने कहा कि भी पाकिस्तान ने इसमें सुधार और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए शुरुआती कदम उठाए हैं। पाकिस्तान सभी आतंकवादी समूहों को बंद करने के लिए कार्रवाई करे।

अफगानिस्तान में शांति वार्ता पर ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान ने यहां शांति वार्ता की कोशिश की है। इसे अभी और बढ़ाने की जरूरत है। पाकिस्तान और अमेरिका के बीच एक मजबूत, स्थायी साझेदारी का रास्ता अफगानिस्तान में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान से निकलता है। इस समाधान को दोनों देशों को आपसी बातचीत से निकालना है।

 

After Trump's false claim on Kashmir Congress man calls it immature
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार - फोटो : ANI

क्या बोला भारतीय विदेश मंत्रालय?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे मध्यस्थता करने का आग्रह किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने साफ कहा, कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है और इस पर तीसरे पक्ष का कोई दखल मंजूर नहीं किया जा सकता।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा, हमने मीडिया में अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान देखा है कि अगर भारत और पाकिस्तान कहें तो वे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने को तैयार हैं।

प्रवक्ता के मुताबिक, इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कभी किसी तरह का आग्रह नहीं किया। यह भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ सारे मसलों पर सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत की जा सकती है।

साथ ही किसी भी तरह के संवाद के लिए पाकिस्तान को सीमापार आतंकवाद पर लगाम लगानी होगी। कुमार ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दे शिमला समझौते और लाहौर घोषणापत्र के आधार पर ही हल किए जा सकते हैं।

क्या बोला अमेरिकी विदेश मंत्रालय?

ट्रंप के कश्मीर पर बयान के बाद उनकी चारों ओर आलोचना होने लगी। जिसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सफाई दी। मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर मुद्दा अमेरिका और भारत का द्विपक्षीय मुद्दा है।

पाकिस्तान को आतंकवाद खत्म करने की सलाह

हाउस कमिटी में विदेश मामलों के अमेरिकी प्रतिनिधि और चेयरमैन एलिओट एल. एंजल ने पाकिस्तान को आकंतवाद को खत्म करने की सलाह दी है। उन्होंने पाकिस्तान को कहा है कि भारत से बातचीत करने के लिए पहले अपनी धरती पर मौजूद आतंकवाद को खत्म करने के लिए मजबूत कदम उठाओ। अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्ष वर्धन श्रंग्ला से बातचीत में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने ये बयान ट्रंप के कश्मीर पर झूठे दावे के बाद दिया।

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