Mark Carney-PM Modi: 'भरोसे की नई शुरुआत', भारत से रिश्ते पर बोले कार्नी; निज्जर पर सवाल से काटी कन्नी
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा रिश्तों की नई शुरुआत पर जोर दिया। इसको लेकर मार्क कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच भरोसे, संप्रभुता और आपसी सम्मान के आधार पर रिश्तों को फिर से बनाने की शुरुआत हो चुकी है।
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कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी की मुलाकात कई मायनों में खास रही है। देखा जाए तो ये मुलाकात कानून प्रवर्तन और ट्रांसनेशनल रेप्रेशन जैसे अहम मुद्दों पर खुली बातचीत का अवसर थी। इसके बाद पीएम कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को मूलभूत और आवश्यक पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के बीच भरोसे, संप्रभुता और आपसी सम्मान के आधार पर रिश्तों को फिर से बनाने की शुरुआत हो चुकी है।
कनाडाई पीएम ने कहा कि हम एक बार फिर हाई कमिश्नर नियुक्त करने की दिशा में बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लगातार 2018 से हर जी-7 सम्मेलन में शामिल होना भारत की आर्थिक ताकत, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। इसके साथ ही फ्रांस में होने वाले अगले जी-7 सम्मेलन में भी मोदी की मौजूदगी की उम्मीद जताते हुए कार्नी ने कहा कि यह पूरी तरह स्वाभाविक और तार्किक है कि भारत के प्रधानमंत्री जी-7 में शामिल हों।
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निज्जर केस और कानून प्रवर्तन पर चर्चा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब कार्नी से पूछा गया कि क्या पीएम मोदी से मुलाकात में हरदीप सिंह निज्जर हत्या मामले का जिक्र हुआ, तो पीएम कार्नी ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने कानून प्रवर्तन सहयोग और ट्रांसनेशनल रेप्रेशन की अहमियत पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है, इसलिए मैं ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा।
मध्य पूर्व और ईरान को लेकर जी-7 का रुख
पीएम कार्नी ने बताया कि जी-7 नेताओं ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंकवाद का प्रमुख स्रोत है। हम स्पष्ट हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जाएंगे। उन्होंने गाजा में युद्धविराम और हिंसा को कम करने के लिए व्यापक प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
रूस पर नए प्रतिबंध और यूक्रेन को सैन्य सहायता
इसके साथ ही सम्मेलन के अंत में पीएम कार्नी ने घोषणा की कि रूस पर अधिकतम दबाव बनाने के लिए जी-7 साझेदारों के साथ मिलकर नई पाबंदियों का एक बड़ा पैकेज शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रूस से जुड़े व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इसके अलावा, यूक्रेन की सहायता के लिए 2 अरब डॉलर से अधिक की ड्रोन, गोला-बारूद और बख्तरबंद गाड़ियों की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा यूक्रेन के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 2.3 अरब डॉलर का ऋण भी दिया जाएगा।
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निज्जर की हत्या को लेकर बिगड़ गए थे संबंध
गौरतलब है कि बीते साल कनाडा में सिख चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी। उस समय के कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या के लिए भारत पर आरोप लगाए थे। दोनों देशों में स्थिति तब और बिगड़ गई जब कनाडा ने भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों को खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की कथित हत्या की जांच से जोड़ा। इसके बाद कनाडा ने उच्चायुक्त संजय वर्मा तथा अन्य राजनयिकों को पर्सन ऑफ इंटरेस्ट घोषित किया। इसके बाद भारत ने भी प्रतिक्रिया देते हुए बीते वर्ष अक्तूबर में छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया।