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डिजिटल करेंसी की होड़ में चीन, अमेरिका, जर्मनी के बाद अब रूस भी कूदा
Fri, 19 Feb 2021 06:40 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 19 Feb 2021 06:40 PM IST
सार
बिटकॉइन की शुरुआत 2009 में हुई थी। तब एक बिटकॉइन की कीमत एक डॉलर के करीब थी, जो अब 51 हजार डॉलर से ज्यादा हो चुकी है...
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Digital Currency Rubel
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
रूस ने एलान किया है कि अगली गर्मियों तक वह अपनी राष्ट्रीय डिजिटल मुद्रा के बारे में एक विस्तृत कॉन्सेप्ट पेश करेगा। रूस के सेंट्रल बैंक ने अन्य स्थानीय बैंकों के साथ लंबे विचार-विमर्श के बाद गुरुवार को ये घोषणा की। सेंट्रल बैंक के प्रमुख एलविरा नेबिउलिना ने कहा कि रूसी सेंट्रल बैंक को देश के बैंकिग क्षेत्र से डिजिटल रूबल शुरू करने के बारे में एक विस्तृत प्रतिक्रिया हासिल हुई है।
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अधिकारियों ने रूसी मीडिया को बताया कि ज्यादातर बैंकों ने दो स्तरीय डिजिटल रूबल शुरू करने का समर्थन किया है। पहले चरण के तहत बैंकों को अपने ग्राहकों के लिए वॉलेट शुरू करने की इजाजत दी जाएगी। दूसरे चरण के तहत इस वॉलेट के जरिए लेन-देन को संचालित करने की इजाजत बैंकों को हासिल होगी। सेंट्रल बैंक ने कहा है कि इस बारे में बाजार के दूसरे हिस्सों और आम जनता से विचार-विमर्श के बाद विस्तृत कॉन्सेप्ट रिपोर्ट अगली गर्मियों में जारी की जाएगी।
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रूस के सेंट्रल बैंक ने पिछले अक्टूबर में ही ये संकेत दिया था कि वह डिजिटल रूबल शुरू करने की संभावना का जायजा ले रहा है। रूस में फिलहाल सोच यह है कि डिजिटल रूबल, नकद रूबल और गैर-नकदी पेमेंट के मौजूदा सिस्टम साथ-साथ चलेंगे। डिजिटल रूबल के जरिए निजी और कॉरपोरेट यूजर्स को इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट और मोबाइल उपकरणों पर मुक्त रूप से रकम ट्रांसफर करने की सुविधा मिलेगी।
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इसके पहले चीन, अमेरिका, जर्मनी और कुछ अन्य देश अपनी डिजिटल मुद्रा शुरू करने की दिशा में कदम उठा चुके हैं। हाल में डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन की लोकप्रियता जिस तेजी से बढ़ी है, उसे देखते हुए ये तमाम देश अपने प्रयासों में तेजी ला रहे हैं। एक बिटकॉइन की कीमत 51 हजार डॉलर से ज्यादा हो चुकी है। इसका मतलब यह है कि दुनिया के धनी लोग अब हिचक छोड़ कर बिटकॉइन में अपना पैसा लगा रहे हैं। शुरुआत में ये धारणा बनी थी कि बिटकॉइन ऑनलाइन ड्रग्स के कारोबार से जुड़ा है। लेकिन अब थोक और खुदरा कारोबारी भी इस मुद्रा के जरिए लेन-देन कर रहे हैं।
बिटकॉइन की शुरुआत 2009 में हुई थी। तब एक बिटकॉइन की कीमत एक डॉलर के करीब थी, जो अब 51 हजार डॉलर से ज्यादा हो चुकी है। 2009 में इसे सातोशी नाकामोतो नाम के व्यक्ति लॉन्च किया था। 2020 में कोरोना महामारी आने के बाद इस डिजिटल करेंसी में असल उछाल देखा गया है। 2020 के आरंभ तक इसमें कम लोग ही निवेश करते थे। लेकिन साल का अंत आते-आते इसके एक कॉइन का मूल्य 28 हजार डॉलर तक पहुंच गया। 2021 में यह रोज नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है।
बिककॉइन की सफलता से विभिन्न देशों ने ये संकेत ग्रहण किया है कि भविष्य डिजिटल मुद्रा का ही है। सरकारों के बीच इसे शायद सबसे पहले चीन ने समझा। उसने अपनी डिजिटल मुद्रा का प्रयोग शुरू कर दिया है। इसके जरिए शंघाई और कई दूसरे देशों में लेन- देन की शुरुआत हो चुकी है। अब धीरे-धीरे दूसरे देश भी इस दिशा में पहल कर रहे हैं। अब इसमें रूस भी शामिल हो गया है।