काबुल में अफगानियों ने पाक के खिलाफ किया प्रदर्शन, कहा- कश्मीर में हस्तक्षेप बंद करो
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अफगानिस्तानियों ने बुधवार को काबुल में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर पाक के लगातार अफगान और जम्मू-कश्मीर के मामलों में हस्तक्षेप करने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में 'डाउन विद पाकिस्तान' और 'पाकिस्तान इज एनिमी' के प्लाकार्ड पकड़े हुए थे।
प्रदर्शनकारी ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह पश्तून तहाफुज आंदोलन के मुखिया मंजूर पश्तीन को रिहा कर दे। यह पाकिस्तान में जातीय पश्तून लोगों की सुरक्षा के लिए चलाया जाना वाला आंदोलन है। 27 साल के कार्यकर्ता पश्तीन को पिछले महीने पेशावर में नौ समर्थकों के साथ गिरफ्तार करके 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
इस विरोध प्रदर्शन ने पाकिस्तान दूतावास की भारत के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर पानी फेर दिया। दरअसल, पाकिस्तान हर साल पांच फरवरी को कथित तौर पर कश्मीर सॉलिडेरिटी डे मनाता है। पाकिस्तान 1990 से लगातर इस दिन को मना रहा है।
Afghanistan: Afghans y'day protested outside Pakistan Embassy in Kabul against Islamabad’s continued interference in Afghan affairs,& in Jammu&Kashmir. They also demanded release of Manzoor Pashteen,chief of Pashtun Tahafuz Movement-movement for protection of Pashtuns in Pakistan pic.twitter.com/7BhKWYrzUd
— ANI (@ANI) February 6, 2020
दिलचस्प बात यह है कि काबुल में स्थित इंटरकांटिनेंटल होटल जहां पाकिस्तान भारत विरोधी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा था, उस होटल ने पाकिस्तान दूतावास की बुकिंग को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि यह कार्यक्रम भारत के आंतरिक मामलों में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप है।
अफगानिस्तान में पाकिस्तान विरोधी भावनाएं खैबर पख्तूनख्वा और फेडरली एडमिनिस्टर्ड ट्राइबल एरियाज (फाटा) में पश्तूनों के खिलाफ पाकिस्तान के बढ़ते अत्याचार के कारण उसके खिलाफ भावनाएं बढ़ रही हैं। अफगानिस्तान सरकार ने कई बार पाकिस्तान पर तालिबान और अन्य आतंकी संगठनों के समर्थन का आरोप लगाया है।
मंजूर पश्तीन की गिरफ्तारी पाकिस्तान के फासीवाद का प्रदर्शन : पीटीएम कार्यकर्ता
पेरिस : पख्तून अधिकार समूह के प्रमुख मंजूर पश्तीन की गिरफ्तारी पर बोलते हुए पख्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) के एक कार्यकर्ता ने कहा कि कश्मीरियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले पाकिस्तान का खुद अपने अल्पसंख्यकों के मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन करना फासीवाद का प्रदर्शन है। पाकिस्तान में पख्तून लोगों की सुरक्षा के एक आंदोलन पीटीएम के यूरोप आयोजक रजल-उल-रहमान अफरीदी ने कहा कि कश्मीरी लोगों के अधिकारों की बात करने वाला पाकिस्तान खुद पख्तून लोगों विशेष रूप से एक प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता मंजूर पश्तीन जैसे लोगों के मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।