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अफगानिस्तान ने भारत के लिए चाबहार के रास्ते नया रूट खोला
Mon, 25 Feb 2019 12:51 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, काबुल
एजेंसी, काबुल
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 25 Feb 2019 12:51 AM IST
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अफगानिस्तान ने भारत को निर्यात के लिए ईरान के चाबहार के रास्ते रविवार को नया रूट खोल दिया। दरअसल चारों तरफ जमीन से घिरा युद्धग्रस्त देश अफगानिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बना रहा है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को 57 टन सूखे मेवे, टेक्सटाइल, कालीन और खनिज पदार्थ लेकर 23 ट्रकों को पश्चिमी अफगान शहर जारांज से ईरान के चाबहार पोर्ट रवाना किया गया।
ये सामान जहाज के जरिये मुंबई पहुंचेगा। निर्यात के लिए नए रूट की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि व्यापार घाटे को कम करने के लिए अफगानिस्तान धीरे-धीरे निर्यात में सुधार कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘चाबहार पोर्ट भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच स्वस्थ सहयोग का नतीजा है और यह आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करेगा।’
ईरान का बंदरगाह अफगानिस्तान को समुद्र तक आसान पहुंच देता है। इस रूट को विकसित करने में भारत ने मदद की है, जो दोनों देशों को पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए व्यापार की सुविधा देता है। अमेरिका ने रणनीतिक महत्व के चाबहार पोर्ट के विकास के लिए भारत को पिछले साल कुछ खास प्रतिबंधों से छूट दी थी। इन छूटों में चाबहार पोर्ट को अफगानिस्तान से जोड़ने वाली रेलवे लाइन का निर्माण भी शामिल है। चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान के विकास में खास रणनीतिक महत्व रखता है।
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इससे पहले भारत ने चाबहार पोर्ट के जरिये ही अफगानिस्तान को 11 लाख टन गेहूं और 2000 टन मसूर की दाल निर्यात किया था। वर्ष 2018 में अफगानिस्तान ने भारत को 740 मिलियन डॉलर का निर्यात किया था और यह उसका सबसे बड़ा निर्यात केंद्र है।
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ये सामान जहाज के जरिये मुंबई पहुंचेगा। निर्यात के लिए नए रूट की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि व्यापार घाटे को कम करने के लिए अफगानिस्तान धीरे-धीरे निर्यात में सुधार कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘चाबहार पोर्ट भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच स्वस्थ सहयोग का नतीजा है और यह आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करेगा।’
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ईरान का बंदरगाह अफगानिस्तान को समुद्र तक आसान पहुंच देता है। इस रूट को विकसित करने में भारत ने मदद की है, जो दोनों देशों को पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए व्यापार की सुविधा देता है। अमेरिका ने रणनीतिक महत्व के चाबहार पोर्ट के विकास के लिए भारत को पिछले साल कुछ खास प्रतिबंधों से छूट दी थी। इन छूटों में चाबहार पोर्ट को अफगानिस्तान से जोड़ने वाली रेलवे लाइन का निर्माण भी शामिल है। चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान के विकास में खास रणनीतिक महत्व रखता है।
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इससे पहले भारत ने चाबहार पोर्ट के जरिये ही अफगानिस्तान को 11 लाख टन गेहूं और 2000 टन मसूर की दाल निर्यात किया था। वर्ष 2018 में अफगानिस्तान ने भारत को 740 मिलियन डॉलर का निर्यात किया था और यह उसका सबसे बड़ा निर्यात केंद्र है।