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अफगानिस्तान: आखिरकार जाग ही गया सऊदी अरब का तालिबान प्रेम, विदेश मंत्री बोले- हमें उनसे अच्छे शासन की उम्मीद
Fri, 10 Sep 2021 11:21 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 10 Sep 2021 11:21 AM IST
सार
अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान ने 15 अगस्त को कब्जा जमा लिया था। इतने लंबे समय के बाद भी सऊदी अरब की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी, लेकिन अब उसकी ओर से बयान जारी किया गया है। गौरतलब है कि सऊदी अरब उन तीन देशों में से एक है, जिसने तालिबान सरकार को पूर्व में मान्यता दी थी।
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सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद
- फोटो : twitter
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विस्तार
लंबे समय से तालिबान पर चुप्पी साधे सऊदी अरब की ओर से प्रतिक्रिया आई है। सऊदी अरब का कहना है कि हमें उम्मीद है कि तालिबान एक अच्छी सरकार चलाएगा और अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता की स्थापना करेगा। हालांकि, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने इसका जिक्र नहीं किया कि आने वाले दिनों में सऊदी अरब का तालिबान के प्रति क्या रुख रहने वाला है और उसे मान्यता दी जाएगी या नहीं।
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बाहरी हस्तक्षेप से इतर अफगान के हित में काम करे तालिबान
सऊदी की राजधानी रियाद में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रिंस फैसल ने कहा कि देश को उम्मीद है कि तालिबान सरकार अफगान के लोगों के हित में काम करेगी और बाहरी हस्तक्षेप को बंद करेगी। वहां की सरकार हिंसा, अराजकता को खत्म करके सभी को सुरक्षा प्रदान करेगी।
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काबुल हमले में मारे गए लोगों के प्रति जताई संवेदना
सऊदी के विदेश मंत्री ने प्रेसवार्ता के दौरान काबुल हमलों में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना भी जताई। उन्होंने कहा कि हम अफगानिस्तान की संप्रभुता का सम्मान करते हैं और इस कठिन समय से उबरने और अफगानिस्तान को फिर से स्थापित करने में मदद करते रहेंगे।
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गौरतलब है कि अफगानिस्तान में 1996 से 2001 तक तालिबान के शासन के दौरान पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात के बाद सऊदी अरब ही वह तीसरा देश था, जिसने तालिबान सरकार को मान्यता दी थी।