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अफगानिस्तान संकट: पंजशीर विद्रोहियों के सामने एक न चली तालिबान की, अब वार्ता के लिए भेजा अपना प्रतिनिधिमंडल
Wed, 25 Aug 2021 01:52 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 25 Aug 2021 01:52 PM IST
सार
तालिबान ने 40 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजशीर विद्रोहियों से मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की है।
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तालिबान (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
अफगानिस्तान के पंजशीर घाटी में जब तालिबान की एक न चली तो अब वह वार्ता की राह पर चलने का फैसला लिया है। इसी क्रम में तालिबान ने अपने 40 सदस्यों के एक प्रतिनिधमंडल को समझौते के लिए पंजशीर घाटी की सेनाओं के पास भेजा। हालांकि बातचीत का नतीजा अभी सामने नहीं आ सका है। दरअसल अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद और खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर चुके अमरुल्लाह सालेह तालिबान को पंजशीर में घुसने नहीं दे रहे और साफ कह दिया है कि केवल सार्थक बातचीत को स्वीकार किया जाएगा।
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सालेह ने साफ कह दिया है कि हम तालिबान को यह एहसास दिलाना चाहते हैं कि बातचीत के माध्यम से ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने काबुल के उत्तर-पश्चिम में पंजशीर घाटी में अपने गढ़ से टेलीफोन द्वारा समचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया।
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