पंजशीर में जंग : अहमद मसूद ने कहा- हमारे लड़ाके अब भी ले रहे लोहा, तालिबान ने किया अपना परचम फहराने का दावा
पंजशीर में लड़ाई लड़ रहे प्रतिरोधी मोर्चे के लिए प्रवक्ता फहीम दश्ती की मौत बड़ा झटका थी। अब तालिबान ने उनके कमांडर मोहम्मद सालेह की मौत का भी दावा किया है।
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अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत को लेकर तालिबान व रेसिस्टेंस फोर्स के प्रमुख अहमद मसूद ने परस्पर विरोधी दावे किए हैं। सोमवार को पहले तालिबान ने पंजशीर फतह का दावा किया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान लड़ाकों ने पंजशीर के गवर्नर हाउस को अपने कब्जे में ले लिया है और वहां पर तालिबानी झंडा भी लगा दिया है। इसके बाद फेसबुक पेज पर दिए आडियो संदेश में अहमद मसूद ने कहा कि हमारे लड़ाके अभी मोर्चे पर जमे हैं और संघर्ष जारी है।
Afghanistan | Ahmad Massoud, the leader of the Resistance Front, in an audio message on his Facebook page says the resistance forces are still present in Panjshir and continue to fight Taliban forces, as per TOLOnews
— ANI (@ANI) September 6, 2021
तस्वीरों में गवर्नर हाउस में तालिबान का झंडा और उसके बाहर लड़ाके खड़े नजर आ रहे हैं। उधर टोलो न्यूज ने कहा है कि अहमद मसूद ने फेसबुक पेज पर जारी अपने संदेश में कहा है कि पंजशीर में अब भी प्रतिरोधी मोर्चे के लड़ाके मोर्चा ले रहे हैं। उनकी तालिबानी सेना के साथ लड़ाई जारी है। इससे पहले तालिबान ने पंजशीर पर भी अपने कब्जे का दावा किया था।
#Breaking
— Aśvaka - آسواکا News Agency (@AsvakaNews) September 6, 2021
In this photo you can see the Taliban members standing infront of the Panjshir Governor office. They claim that they have full control of the province now. pic.twitter.com/3qnTydkdyN
दावा- चीफ कमांडर मारा गया
तालिबान ने दावा किया है कि पंजशीर की लड़ाई में उसने प्रतिरोधी मोर्चे के चीफ कमांडर मोहम्मद साहेल को मार गिराया है। इससे पहले मोर्चे के प्रवक्ता फहीम दश्ती और महमद मसूद के भतीजे की मौत की खबर भी सामने आ चुकी है।
सुरक्षित स्थान पर सालेह, मसूद ताजिकिस्तान में
बताया जा रहा है कि तालिबान के दावे के बाद अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। वहीं पंजशीर का नेता अहमद मसूद तीन दिन से ताजिकिस्तान में है।
600 तालिबानियों की मौत का बदला
फहीम दश्ती की मौत से एक दिन पहले ही प्रतिरोधी मोर्चे ने तालिबानियों का बड़ा नुकसान किया था। भयंकर गोलीबारी में 600 से ज्यादा तालिबानियों की मौत हुई थी, तो वहीं एक हजार से ज्यादा ने आत्मसमर्पण किया था। फहीम दश्ती भी इस संघर्ष का हिस्सा थे, उन्होंने ही 600 तालिबानियों की मौत की पुष्टि की थी। इसके एक दिन बाद ही तालिबान ने पंजशीर के गवर्नर हाउस पर कब्जा जमा लिया है।
अहमद मसूद ने की युद्ध विराम की अपील
फहीम दश्ती की मौत के बाद प्रतिरोधी मोर्चे की ओर से युद्ध विराम की अपील की गई है। अहमद मसूद का भी कहना है कि अगर तालिबान अपने लड़ाकों को पंजशीर से वापस बुला लेता है तो वह तुरंत लड़ाई रोक देंगे।