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Congo Unrest: कांगो में संघर्ष के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी, MEA ने कहा- सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित
Sat, 01 Feb 2025 08:51 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 01 Feb 2025 08:51 AM IST
सार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने देखा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में कुछ शहरों के कुछ हिस्सों में संघर्ष चल रहा है। वहां लगभग 25 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं। जहां दो दिन से लड़ाई चल रही थी वहां अब लड़ाई रुक गई है। गोमा में एक हजार भारतीय नागरिक थे। इनमें से अधिकतर सुरक्षित निकल गए हैं।
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रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में हो रहे संघर्ष को लेकर विदेश मंत्रालय ने भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कांगो में चल रहे संघर्ष के बीच सभी भारतीय सुरक्षित हैं। किंशासा स्थित भारतीय दूतावास वहां के सभी भारतीयों के साथ लगातार संपर्क में है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने देखा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में कुछ शहरों के कुछ हिस्सों में संघर्ष चल रहा है। वहां लगभग 25 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं। जहां दो दिन से लड़ाई चल रही थी वहां अब लड़ाई रुक गई है। गोमा में एक हजार भारतीय नागरिक थे। इनमें से अधिकतर सुरक्षित निकल गए हैं। हमारे दूतावास ने कई एडवाइजरी के साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अगर किसी को परेशानी हो तो वो हमसे तुरंत संपर्क कर सकता है।
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उन्होंने कहा कि किंशासा में बना दूतावास संघर्ष प्रभावित गोमा से करीब 2500 किमी दूर है। मगर दूतावास समुदाय के लोगों के साथ लगातार संपर्क में है। हमारे सभी लोग सुरक्षित हैं।
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Advisory for Indian Nationals in Bukavu, South Kivu, Democratic Republic of Congo@MEAIndia @IndianDiplomacy pic.twitter.com/5MGV1a4I9g
— India in DR Congo (@IndiainDRC) January 30, 2025
वहीं भारतीय दूतावास ने बकावु, दक्षिण किवु और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि किंशासा में भारतीय दूतावास पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। हमने गोमा से 200 किमी दूर बकावु में एम 23 की विद्रोही गतिविधियों की रिपोर्ट देखी है। अस्थिरता की संभावना के मद्देनजर हमने बकावु में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। अभी हवाई अड्डे, सीमाएं और वाणिज्यिक मार्ग खुले हैं। हम बकावु की यात्रा न करने की सलाह देते हैं।
गोमा पूर्वी कांगो का एक प्रमुख व्यापारिक और मानवीय केंद्र है। शहर में 20 लाख लोग रहते हैं, जिनमें हजारों विस्थापित भी शामिल हैं। यहां एम23 के विद्रोही लगातार कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। एम23 को रवांडा का समर्थन प्राप्त है। उसने 2012 में भी गोमा पर अस्थायी रूप से कब्जा कर लिया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पीछे हट गया था। 2021 के अंत से यह समूह फिर सक्रिय हो गया है और पूर्वी कांगो के खनिज-संपन्न क्षेत्रों पर कब्जे के लिए लड़ रहा है। कांगो सरकार और संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का आरोप है कि रवांडा इस समूह को हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है, जिसे रवांडा ने खारिज किया है।
17 शांति, विदेशी सैनिकों की हो चुकी है मौत
दक्षिण अफ्रीका के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एम23 विद्रोहियों की गोलाबारी के कारण लगभग 6 लाख लोग गोमा से पलायन करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि शहर में मानवीय सहायता ठप पड़ी है। विद्रोहियों की ओर से गोमा हवाई अड्डे पर दागे गए मोर्टार हमले में चार दक्षिण अफ्रीकी शांति सैनिकों की मौत हो चुकी है। अब तक इस संघर्ष में 17 शांति सैनिक और विदेशी सैनिक मारे जा चुके हैं। गौरतलब है कि कांगो में दशकों से चल रहे संघर्ष की वजह अब तक 60 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक है।