एडलमैन रिपोर्ट में दावा, विश्व के सबसे भरोसेमंद देशों में शामिल है भारत
- जागरूक जनता सूचकांक में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है भारत
- ब्रांड विश्वसनीयता में 40 अंकों के साथ चीन से नीचे है भारत
- 27 बाजारों में हुए ऑनलाइन सर्वे पर आधारित है एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर-2019 रिपोर्ट
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सरकार, कारोबार, एनजीओ और मीडिया के मामले में भारत विश्व के सबसे विश्वसनीय देशों में शामिल है। हालांकि, देश के कारोबारी ब्रांड की विश्वसनीयता इनमें सबसे कम है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के वार्षिक सम्मेलन के शुरू होने से पहले सोमवार को जारी की गई ‘एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर-2019’ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वैश्विक विश्वसनीयता सूचकांक तीन अंक के मामूली सुधार के साथ 52 अंक पर पहुंच गया है।
चीन जागरूक जनता सूचकांक में 79 और सामान्य आबादी के भरोसा सूचकांक में 88 अंकों के साथ शीर्ष पर है। भारत इन श्रेणियों में क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर है। यह सूचकांक एनजीओ, कारोबार, सरकार और मीडिया में भरोसे के औसत पर आधारित है। यह निष्कर्ष 16 अक्तूबर से लेकर 16 नवंबर, 2018 तक 27 बाजारों में किए गए ऑनलाइन सर्वे पर आधारित है। इनमें 33,000 से अधिक लोगों के जवाब को शामिल किया गया है।
ब्रांड विश्वसनीयता में ये हैं शीर्ष पर
प्रत्येक बाजार में मुख्यालय वाली कंपनियों में भरोसे के मामले में स्विट्जरलैंड, जर्मनी और कनाडा की कंपनियां शीर्ष पर हैं। इन देशों के ब्रांड में प्रत्येक का भरोसा अंक 70 है। 69 अंकों के साथ जापान इन देशों के बाद आता है। वहीं, इस मामले में चीन के 41, भारत एवं ब्राजील के 40-40 और मैक्सिको के 36 अंक हैं।
भविष्य को लेकर निराशा
रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य को लेकर निराशावाद की भावना बढ़ रही है। सर्वे में शामिल तीन से एक को ही विश्वास है कि अगले पांच वर्षों में विकसित दुनिया में उनका परिवार बेहतर स्थिति में होगा। वहीं, पांच में से एक का मानना है कि सरकार उनके लिए काम कर रही है, जबकि 70 फीसदी इसमें बदलाव चाहते हैं। इसके अलावा 100 फीसदी रोजगार वाले अर्थव्यवस्था में रहने वाले लोगों को भी नौकरी खोने की आशंका अधिक रहती है।
पारंपरिक मीडिया सबसे भरोसेमंद
खबरों के विश्वसनीय स्रोतों के मामले में ‘खोज’ और ‘पारंपरिक मीडिया’ सबसे भरोसेमंद हैं। इसे मामले में खोज और पारंपरिक मीडिया के 66 अंक है, जबकि सोशल मीडिया 44 अंकों के साथ भरोसे के मामले में नीचे है। वहीं, 73 फीसदी लोग झूठी सूचना या फर्जी खबरों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने को लेकर चिंतित हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर ‘मेरे नियोक्ता’ एनजीओ, कारोबार, सरकार और मीडिया की तुलना में अधिक विश्वसनीय हैं। एडलमैन के सीईओ और अध्यक्ष रिचर्ड एडलमैन का कहना है कि पिछले दशक में पारंपरिक प्राधिकरण के आंकड़ों और संस्थानों में भरोसे की कमी देखी गई है।