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कोरोना वायरस महामारी के अभी समाप्त होने की संभावना नहीं, 2022 तक रह सकता है प्रकोप : रिपोर्ट
Fri, 01 May 2020 05:00 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 01 May 2020 05:00 PM IST
सार
विशेषज्ञों के एक समूह ने दावा किया है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का असर अभी दो साल तक और रह सकता है और इसे तब तक नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा जब तक दुनिया की दो तिहाई आबादी इम्यून नहीं हो जाती है।
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कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के सेंटर फॉर इंफेक्शियस डिसीज रिसर्च एंड पॉलिसी (CIDRAP) की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई मामलों में इसके लक्षण ही नहीं दिखते, इसलिए इसे नियंत्रित करना इंफ्लुएंजा से ज्यादा कठिन साबित हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिना लक्षण के भी किसी व्यक्ति में संक्रमण बेहद घातक स्तर पर हो सकता है।
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कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए दुनिया भर के अधिकांश देश लॉकडाउन हैं। दुनिया भर में करोड़ों लोग अपने-अपने घरों में बंद हैं। हालांकि, अब कई देश धीरे-धीरे उद्योगों और सार्वजनिक स्थानों को दोबारा शुरू कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, लेकिन फिर भी कोरोना वायरस महामारी के लहरों के रूप में जारी रहने की आशंका है और यह सिलसिला 2022 तक चल सकता है।
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रिपोर्ट के लेखकों का कहना है, 'सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी संकट संचार संदेशों में इस अवधारणा को शामिल करना चाहिए कि यह महामारी इतनी जल्दी समाप्त होने वाली नहीं है और लोगों के लिए भी यह जरूरी है कि वह आने वाले दो साल में इस महामारी के दोबारा लौटने की स्थिति के लिए तैयार रहें।'
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रिपोर्ट में कहा गया है, वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने के लिए जुटे हुए हैं, जो अगर इस साल आ भी गई तो बहुत कम मात्रा में उपलब्ध होगी। जबकि साल 2009-10 में आई फ्लू महामारी में वैक्सीन तब तक उपलब्ध नहीं हो पाई थी जब तक कि अमेरिका में फ्लू का प्रकोप अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था।
यह रिपोर्ट CIDRAP के निदेशक माइकल ओस्टरहोम, चिकित्सा निदेशक क्रिस्टेन मूर, टुलेन यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ हिस्टोरियन जॉन बैरी और हॉर्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेस्थ के महामारी विज्ञानी मार्क लिपसिच ने लिखी है।