फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   A piece of the moon orbiting the Earth, scientists claim structure of Kamo Oalewa asteroid resembles the moon

Kamo Oalewa: पृथ्वी का चक्कर लगा रहा चांद का टुकड़ा, वैज्ञानिकों का दावा- एस्टेरॉइड की संरचना चंद्रमा से मिलती

Mon, 08 May 2023 07:09 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 08 May 2023 07:09 AM IST
सार

शोध के मुख्य लेखक एरिजोना यूनिवर्सिटी में भौतिकी विभाग से जोस डैनियल कास्त्रो-सिसनेरोस ने कहा कि कभी-कभी, सोलर सिस्टम में छोटे पिंड सूर्यकेंद्रित कक्षाओं में नहीं चलते, बल्कि ऑर्बिटल रेजोनेंस की वजह से वे किसी विशाल ग्रह की कक्षा साझा करते हैं।

विज्ञापन
A piece of the moon orbiting the Earth, scientists claim structure of Kamo Oalewa asteroid resembles the moon
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वैज्ञानिकों का दावा है कि कामो'ओलेवा नामक एक एस्टेरॉइड पृथ्वी का चक्कर लगा रहा है। यह चांद का टुकड़ा हो सकता है। कामो'ओलेवा को 2016 में हलेकला ऑब्जर्वेटरी में पैन-स्टार्स के साथ खोजा गया था। इसकी विशेष बात यह है कि इसकी कक्षा समय के साथ बदलती रहती है। लेकिन इस बदलाव के बाद भी यह हमेशा पृथ्वी के समीप ही रहता है। इसकी सतह भी अलग है। सिलिकेट की मौजूदगी की वजह से यह चंद्रमा की तरह ही प्रकाश को परावर्तित (पीछे) करता है।

विज्ञापन


कामो'ओलेवा अपोलो समूह में सबसे छोटा, सबसे करीब और सबसे स्थिर है। ये चंद्रमा का ही एक हिस्सा हो सकता है। शोध के मुख्य लेखक एरिजोना यूनिवर्सिटी में भौतिकी विभाग से जोस डैनियल कास्त्रो-सिसनेरोस ने कहा कि कभी-कभी, सोलर सिस्टम में छोटे पिंड सूर्यकेंद्रित कक्षाओं में नहीं चलते, बल्कि ऑर्बिटल रेजोनेंस की वजह से वे किसी विशाल ग्रह की कक्षा साझा करते हैं।
विज्ञापन


उल्कापिंड के प्रभाव से हुआ अलग 
शोध में कहा गया है कि इसकी पृथ्वी जैसी कक्षा और चंद्रमा के जैसे दिखने वाला यह हिस्सा चंद्रमा का ही हो सकता है। जो किसी उल्कापिंड प्रभाव से सतह से अलग हो गया होगा। इस विषय में अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अलग-अलग तरह की खगोलीय घटनाओं का अनुकरण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


चंद्रमा के क्रेटरों का अध्ययन
इसके अलावा चंद्रमा की सतह पर मौजूद क्रेटरों का भी अध्ययन किया गया और उसकी तुलना भी कामो'ओलेवा से की गई। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इससे भविष्य में अभी यह पता लगाना होगा कि चंद्रमा पर बना कौन सा खास गड्ढा कामो'ओलेवा का स्रोत हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed