फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   A fierce scuffle between the government and profarmer MPs in Ukraine parliament

यूक्रेन की संसद में सरकार व किसान समर्थक सांसदों के बीच जमकर हुई हाथापाई

Fri, 07 Feb 2020 06:46 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 07 Feb 2020 06:46 AM IST
विज्ञापन
A fierce scuffle between the government and profarmer MPs in Ukraine  parliament
यूक्रेन की संसद में जमकर हुई हाथापाई - फोटो : सोशल मीडिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सदन अध्यक्ष नैंनी पेलोसी के बीच विवाद के सार्वजनिक प्रदर्शन के अगले ही दिन यूक्रेन की संसद वेर्खोवना राडा में गुरुवार को सांसदों को बीच जमकर हाथापाई हुई।

विज्ञापन


यहां खेती की जमीन लाए जा रहे नए कानून पर चर्चा व मतदान होना था, जिसे लेकर सरकार और किसानों में विवाद है। कानून केा लेकर सत्ताधारी दल सर्वेंट्स ऑफ पीपल और विपक्षी दल बातकीवस्चाइना के सांसदों के समर्थकों के बीच संसद में यह हिंसा हुई।
विज्ञापन


इससे पहले बातकीवस्चाइना और अन्य विपक्षी सांसदों के खेमे फॉर लाइफ फैक्शन ने संसद के मंच और सभापति के आसन को घेर लिया। कुछ विपक्षी सांसद आसन के पास मौजूद कुर्सियों पर बैठ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस घेराबंदी को तोड़ने के लिए सर्वेंट्स ऑफ पीपल के सांसद भी आसन के इर्द-गिर्द जमा हो गए। जिसका परिणाम संसद में धक्कामुक्की और फिर हाथापाई के रूप में सामने आया। किसान समर्थक सांसदों की मांग है कि नए प्रस्ताव को रद किया जाएगा और जनमत संग्रह से ही इस प्रकार के कानूनों पर निर्णय लिए जाएं। संसद के भीतर जारी मारपीट के बीच वेर्खोवना राडा के बाहर भी बड़ी संख्या में किसानों ने प्रदर्शन किया।

विदेशियों को जमीन खरीदने देने पर आपत्ति

यूक्रेन की सरकार खेती की जमीन को लेकर नया कानून लेकर आ रही है। इसके तहत कानूनी स्वीकृत लेकर एक व्यक्ति 10 हजार हेक्टेयर तक जमीन खरीद सकेगा। वहीं सबसे बड़ी आपत्ति विदेशियों को जमीन खरीदने की अनुमति मिलने को लेकर है। किसानों का मानना है कि यह कानून पास हुआ तो देश की 70 प्रतिशत जमीनें विदेशी नागरिक खरीद लेंगे।

मारपीट की परंपरा रही है संसद यहां

संसद में हुई ताजा मारपीट को देश के कई पत्रकारों ने वोटिंग के दिन की परंपरा बताया और कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है।
2018 : दिसंबर में विपक्षी नेता नेस्टर शुफ्राइच ने रूस समर्थक राजनेता विक्टर मेडवेडचुक को पुतिन का एजेंट बताया। कुछ ही सेकंड बाद दो सांसदों ने नेस्टर की घूंसों से पिटाई कर दी।
2015 : मार्च में एक राजनेता ने दूसरे पर रिश्वत लेने का आरोप लगा इस्तीफे की मांग की। बदले में दोनों सांसदों के समर्थकों में संसद के भीतर ही मारपीट हो गई।
2015 : तत्कालीन प्रधानमंत्री अर्सेनली यात्सेनयुक को सरकार के सहयोगी दल के सांसद ही कुर्सी से उठाकर मंच से नीचे ले गए।
2015 : फरवरी में संसद परिसर में सांसद येगोर सोबोलेव व वादिम इवचेनको में सुरक्षाकर्मियों के पहुंचने से पहले एक मिनट तक जमकर मारपीट चली, जिसमें दोनों के नाक और होठों से खून बहा। बाद में अध्यक्ष वोलदिमीर ग्रोसीमैन ने सांसदों को संसद की नैतिकता के बारे बताया, लेकिन बहुत फर्क नहीं पड़ा।
2014 : राष्ट्रवादी व रूस समर्थक सांसदों के बीच मारपीट हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed