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Hindi News ›   World ›   9/11 20 Years of Terror Attack America Will Never Forget This Pain

9/11 आतंकी हमले के 20 साल: बाइडन बोले- यह दर्द कभी नहीं भूलेगा अमेरिका, अपनों को किया याद

Sun, 12 Sep 2021 06:46 AM IST
देव कश्यप न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, न्यूयॉर्क सिटी
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, न्यूयॉर्क सिटी Published by: देव कश्यप Updated Sun, 12 Sep 2021 06:46 AM IST
सार

9/11 बरसी की पूर्व संध्या पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि आतंकी हमले को अमेरिका कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा, चाहे कितना भी वक्त क्यों न बीत जाए लेकिन ये उस दर्द की याद ऐसी ही ताजा कर देते हैं जैसे कि आपको यह खबर कुछ सेकेंड पहले ही मिली हो। 

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9/11 20 Years of Terror Attack America Will Never Forget This Pain
9/11 हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देति राष्ट्रपति जो बाइडन व अन्य - फोटो : एजेंसी

विस्तार

कोरोना संकट के मुश्किल हालात और सैन्य वापसी के बाद अफगान में तालिबानी सरकार बनने से बढ़े आतंकी खतरे के बीच अमेरिका ने 20 साल पहले अल कायदा के आतंकियों के भीषणतम हमले में जान गंवाने वाले अपनों को नम आंखों से याद किया। 11 सितंबर 2001 को विमान हमलों में ढहे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टॉवरों, शैक्सविल स्मारक और पेंटागन मुख्यालय समेत देश में जगह-जगह प्रार्थना सभाएं हुईं। राष्ट्रपति जो बाइडन ने हमलों का निशाना बने हर स्थान पर जाकर श्रद्धांजलि दी। शैंक्सविले में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि दी।

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श्रद्धांजलि सभाओं में दिवंगतों के परिजनों के उद्गारों और वहां बजतीं मातमी धुनों ने माहौल में कोई भी शख्स ऐसा नहीं था, जिसकी आंखों में आंसू न हो। हमलों के दो दशक बाद आतंक के खिलाफ अमेरिकी फौजों की खाली हाथ वापसी ने महाशक्ति की टीस और गहरी कर दी है।
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हर मृतक का नाम लिया : न्यूयॉर्क, पेंटागन और शैंक्सविल, तीनों जगह हुई प्रार्थना सभाओं में इस हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति का नाम पुकारा गया। पेन्सिल्वेनिया के शैंक्सविल में फ्लाइट 93 के यात्रियों की याद में बने स्मारक पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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कुछ के लिए सेल्फी पॉइंट, किसी के लिए कब्रिस्तान
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमले के 20 वर्ष बीतने के साथ आज यह स्थान एक स्मारक बन चुका है।  इसे पर्यटन केंद्रों जैसा ही महत्व दिया जाने लगा है। मारे गए करीब 3 हजार लोगों के शिलापट्ट पर उकेरे नामों के निकट सेल्फी ली जाती है। इन नामों को पढ़ना बेहद संवेदनशील मौका होता है। आसपास के कार्यालयों में काम करने वालों के लिए मृतकों के नाम महज शिलापट पर उकेरे कुछ अक्षर नहीं, वे लोग हैं जो कभी उनके जीवन का हिस्सा थे।

इस्लाम विरोधी टिप्पणियों को लेकर ट्रस्टी को हटाने की मांग
आयोजन में विवाद भी सामने आए। इस्लामी आतंकी हमले की याद को बरकरार रखने 2014 में लोअर मैनहटन में बने स्मारक व म्यूजियम की महिला ट्रस्टी डेब्रा ब्रुलिंगाम पर कुछ मुस्लिम वकीलों ने आपत्ति जताई। इस्लाम विरोधी टिप्पणियों के लिए उनकी आलोचना की गई। गौरतलब है कि क्रैश हुए एक विमान में डेब्रा के एक पायलट भाई भी थे। वे क्रैश साइट के निकट मस्जिद बनाने का विरोध कर चुकी हैं।

हमलों के बाद उभरी राष्ट्रीय भावना फिर से जगाएं
न्यूयॉर्क। राष्ट्रपति जो बाइडन ने आतंकी हमले में मारे गए गए लोगों को याद किया व देशवासियों से एकजुटता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, यही 9/11 का सबक है।  इस मौके पर जारी बयान में वे ‘राष्ट्रीय एकता की सच्ची भावना’ के बारे में बात कर रहे हैं जो हमलों के बाद पैदा हुई थी और अपेक्षित तथा अप्रत्याशित स्थानों पर वीरता के रूप में देखी गई। बाइडन ने कहा, हमें हर हाल में इस हमले का सबक याद रखना है और इसके लिए उस दौरान उठी एकता की भावना जारी रखनी होगी।

पूरी दुनिया ने आतंकी हमले के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस, ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय जैसी हस्तियों समेत पूरी दुनिया ने अमेरिका में हुए आतंकी हमलों की बरसी पर मृतकों को याद किया। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अमेरिका में हमले की बरसी पर कहा कि बीस साल पहले अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकवाद विहीन भविष्य के लिए एकता की बात कही थी, हमें उसे याद रखना चाहिए। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने कहा, हमले को अंजाम देने वाले आतंकी स्वतंत्रता और लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को डगमगाने में बुरी तरह असफल रहे हैं। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने बीस साल पहले हमले में मारे गए लोगों और पीड़ितों के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि हमले के बाद 2010 में वे घटनास्थल वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर गई थीं। आज उसकी याद ताजा हो गई है।

‘ट्रिब्यूट इन लाइट’
आसमान में  शनिवार को ‘ट्रिब्यूट इन लाइट’ जगमग हो रही थीं। 9/11 आतंकी हमले की बरसी पर उन स्थानों पर सीधी खड़ी रोशनी की जाती है जहां पर कभी ये टॉवर मौजूद थे।


इस मौके अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने उन सुरक्षाबलों की भी सराहना की जिन्होंने हमलों में और उसके बाद अफगानिस्तान में देश के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और अपनी जान दे दी। उन्होंने कहा कि हम अग्निशामकों, पुलिस अधिकारियों, श्रमिकों, डाक्टरों और नर्सों और उन सभी लोगों का सम्मान करते हैं जिन्होंने इस हमले के बचाव और उसके बाद पुनर्निर्माण के लिए अपना सब कुछ दिया। आतंकी अपहर्ताओं ने चार विमानों को अगवा कर जिस वक्त अमेरिका में आतंकी हमले को अंजाम दिया था तब बाइडन सीनेटर थे और अब वे कमांडर इन चीफ के रूप में पहली बार 9/11 की बरसी मना रहे हैं।

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