US Sanctions: 80वीं UNGA बैठक से पहले अमेरिकी तेवर सख्त, ईरान पर वीजा और थोक खरीदारी प्रतिबंध लगाने का विचार
ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए फलस्तीनी नेता महमूद अब्बास और उनके दल को वीजा नहीं दिया। ऐसे में अब इस बात की संभावना तेज हो गई है कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए ईरान, सूडान, जिम्बाब्वे और ब्राजील के प्रतिनिधिमंडलों पर भी कड़े यात्रा प्रतिबंध लगा सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए फलस्तीनी नेता महमूद अब्बास और उनके दल को वीजा नहीं दिया। ऐसे में अब इस बात की संभावना तेज हो गई है कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए ईरान, सूडान, जिम्बाब्वे और ब्राजील के प्रतिनिधिमंडलों पर भी कड़े यात्रा प्रतिबंध लगा सकता है।
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अमेरिका की ट्रंप प्रशासन ने इस महीने न्यूयॉर्क में होने वाली उच्चस्तरीय संयुक्त राष्ट्र बैठक के सहले सख्त तेवर दिखाए है। इससे पहले प्रशासन ने बैठक में शामिल होने के लिए फलस्तीनी नेता महमूद अब्बास और उनके प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने से मना कर दिया है। इसके बाद अब संभावना इस बात की तेज हो रही है कि अमेरिका कई अन्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों पर भी नए और सख्त प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है, जिससे उनकी न्यूयॉर्क शहर के बाहर यात्रा पर कड़ी पाबंदी लग सकती है।
मामले में विदेश विभाग के एक अंदरूनी पत्र के अनुसार, ईरान, सूडान, जिम्बाब्वे और ब्राजील के प्रतिनिधिमंडलों पर जल्द ही यात्रा और अन्य कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यह बैठक 22 सितंबर से शुरू होने वाली है, जिसमें दुनिया के कई शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे।
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ईरानी राजनयिकों पर पहले से ही कई प्रतिबंध
बता दें कि ईरानी राजनयिकों की न्यूयॉर्क में आवाजाही पहले से सीमित है। अब एक प्रस्ताव है कि अब एक नई योजना के तहत उन्हें बिना अमेरिकी विदेश विभाग की खास अनुमति के कॉस्टको और सैम्स क्लब जैसे बड़े, सदस्यों के लिए विशेष थोक स्टोर में खरीदारी करने से रोक दिया जाएगा। ये स्टोर इरानी राजनयिकों के लिए खास हैं क्योंकि वे यहां से सस्ते दामों पर बड़ी मात्रा में सामान खरीदकर उसे अपने देश इरान भेज देते हैं, जहां आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से कई चीजें मिलना मुश्किल होती हैं।
ब्राजील के मामले में क्या है रुख
दूसरी ओर मामले में ब्राजील के मामले में यह साफ नहीं है कि क्या ये नए प्रतिबंध वहां के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा या उनके अन्य प्रतिनिधियों को प्रभावित करेंगे। देखा जाए तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लूला से नाराज है। इसका कारण ये है कि वे अपने दोस्त पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ मुकदमे का समर्थन करते हैं।
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सीरिया के प्रतिनिधिमंडल को कुछ छूट
हालांकि सिरिया के प्रतिनिधिमंडल को इस बार कुछ छूट मिली है। पिछले कई वर्षों से उनके ऊपर संयुक्त राष्ट्र यात्रा पर कड़े प्रतिबंध थे, लेकिन अब ट्रंप प्रशासन सिरिया के साथ संबंध सुधारना चाहता है। वहीं मीडिया रिपोर्ट की माने तो सूडान और जिम्बाब्वे के प्रतिनिधिमंडलों पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे कितने सख्त होंगे। गौरतलब है कि इस पूरे मामले पर अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। माना जा रहा है कि ये कदम ट्रंप प्रशासन की कड़ी विदेश नीति का हिस्सा हैं, जो कुछ देशों को सीमित करने पर केंद्रित है।