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एनोम एप: 17 देशों में 800 खतरनाक अपराधी धर दबोचे, हथियारों-ड्रग्स का जखीरा जब्त
Thu, 10 Jun 2021 06:33 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला रिसर्च टीम, सिडनी
अमर उजाला रिसर्च टीम, सिडनी
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 10 Jun 2021 06:33 AM IST
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वैश्विक स्तर पर संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एफबीआई और यूरोपोल जैसी एजेंसियों ने स्टिंग ऑपरेशन ट्रोजन शील्ड के जरिए 17 देशों में हत्या, ड्रग तस्करी, अवैध हथियार और करेंसी के धंधे में लिप्त 800 से ज्यादा खतरनाक अपराधियों को धर दबोचा है।
पुलिस ने एनोम नाम के एक एंक्रिप्टेड एप का इस्तेमाल किया था। इसके जरिए 100 से ज्यादा लोगों की हत्याएं रोकी जा सकी हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने तीन साल से 100 देशों में अवैध गतिविधियां चला रहे 300 आपराधिक गिरोह पर नजर बना रखी थी।
इस दौरान उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 12 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के 2.7 करोड़ संदेशों की निगरानी करके इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। अलग-अलग देशों में हुई। छापों में नौ हजार से ज्यादा अधिकारियों ने हिस्सा ।
एफबीआई आपराधिक जांच विभाग के सहायक। निदेशक केल्विन शीवर्स का कहना है कि ट्रोजन शील्ड 1 जैसा चमकदार ऑपरेशन इस बात का उदाहरण है कि जब दुनियाभर के अधिकारी अत्याधुनिक उपकरण, जांच, नवाचार, समर्पण और सहयोग के साथ काम करते हैं तो में किसी भी मिशन पूरा किया जा सकता है।
यूरोपोल के मुताबिक, ऑपरेशन ट्रोजन शील्ड में ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, जर्मनी, हंगरी, लिथुआनिया, न्यूजीलैंड, नीदरलैंड, नार्वे, स्वीडन, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे 17 देश शामिल थे ।
2018 में बना एनोम एप
एफबीआई ने अपराधियों का सुराग हासिल करने के लिए 2018 में एनोम एप बनवाई। स्काई ईसीसी जैसे कुछ एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के भंडाफोड़ के बाद गिरोह ने एनोम का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, जिससे अंदरूनी सूचनाएं मिलने लगीं।