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26/11 Attack: न्यूयॉर्क में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर भारतीयों का प्रदर्शन, दोषियों को सजा दिलाने की मांग
Sun, 27 Nov 2022 08:42 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 27 Nov 2022 08:42 PM IST
सार
लोगों ने 'मुंबई 26/11' की तख्तियां लिए 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। इन तख्तियों पर लिखा था- हम माफ नहीं करेंगे। हम नहीं भूलेंगे। पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाओ।
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पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
मुंबई आतंकी हमलों की 14वीं बरसी पर यहां भारतीय प्रवासियों ने पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इस कायरतापूर्ण हमले के साजिशकर्ताओं को सजा दिलाने की मांग की।
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लोगों ने 'मुंबई 26/11' की तख्तियां लिए 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। इन तख्तियों पर लिखा था- हम माफ नहीं करेंगे। हम नहीं भूलेंगे। पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाओ।
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पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास के बाहर एक डिजिटल वैन भी खड़ी थी, जिसमें 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और आतंकी अजमल कसाब के साथ-साथ मुंबई में ताज होटल पर आग लगी तस्वीरें दिखाईं दीं। ताज पैलेस की यह तस्वीर तब की थीं जब आतंकियों ने इस ऐतिहासिक इमारत पर हमला किया था।
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मुंबई पर आतंकी हमले 26 नवंबर 2008 को शुरू हुए थे और 29 नवंबर तक चले थे। इस हमले की दुनियाभर में निंदा की गई थी। हमले में विदेशी नागरिकों समेत कुल 166 लोग मार गए थे और 300 से ज्यादा घायल हो गए थे। भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान स्थित लश्कर के नौ आतंकियों को मार गिराया था। इस दौरान अजमल कसाब इकलौता ऐसा आतंकी था, जिसे जिंदा पकड़ा गया था। चार साल बाद 21 नवंबर 2012 को उसे फांसी दे दी गई।
विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रवासी भारतीय शशांक तेलकिकर ने कहा, हम सभी समान विचारधारा वाले देशों से एक साथ आने और न्याय दिलाने के लिए पाकिस्तान में आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करते हैं।
एक अन्य प्रदर्शनकारी रविशंकर ने कहा, भारतीय प्रवासी राज्य प्रायोजित आतंकवाद के नृशंस कृत्यों के विरोध में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के सामने एकत्र हुए। उन्होंने कहा, इसे हम कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे।