2024 US presidential elections: ट्रंप का भय दिखाना है जो बाइडन की रणनीति, 'मागा चरमपंथियों' का दिखाया खौफ
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के 2024 के राष्ट्रपति में उतरने का एलान के साथ उनकी टीम की तरफ से जारी प्रचार सामग्री में ‘मागा (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) चरमपंथियों’ से देश को बचाने का संकल्प जताया गया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि ‘मागा चरमपंथी’ अमेरिकी नागरिकों की बुनियादी स्वतंत्रताओं को छीनने पर आमादा हैं। मागा अमेरिका में एक शक्तिशाली आंदोलन बना हुआ है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया था।
जो बाइडन के समर्थकों ने कहा है कि राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप से अमेरिका को बचाने के लिए फिर से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अगले चुनाव अभियान में बाइडन का प्रचार मुख्य रूप से ट्रंप और उनक समर्थकों की तरफ से पैदा हो रहे खतरे पर केंद्रित रहेगा। बाइडन 80 वर्ष के हो चुके हैं। अगर वे दोबारा जीते, तो जनवरी 2025 में अपना नया कार्यकाल 82 साल की उम्र में शुरू करेंगे। इतनी उम्र में राष्ट्रपति कार्यकाल शुरू करने का यह एक नया रिकॉर्ड होगा।
बाइडन समर्थक अब पूरी रिपब्लिकन पार्टी को ट्रंप समर्थक बताने की रणनीति पर चल रहे हैं। उनकी तरफ से इस पार्टी को ‘मागा रिपब्लिकंस’ कहा जा रहा है। अपने पहले प्रचार वीडियो में जो बाइडन ने कहा है- ‘चार साल पहले जब मैं राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रहा था, तब मैंने कहा था कि अमेरिका की आत्मा बचाने की लड़ाई चल रही है। वो लड़ाई अभी भी जारी है। हमारे सामने सवाल यह है कि आने वाले वर्षों में हमारे पास अधिक स्वतंत्रता होगी या कम स्वतंत्रता होगी। हमारे पास अधिक अधिकार होंगे, या कम अधिकार होंगे।’
पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस बात के ठोस संकेत हैं कि डेमोक्रेटिक पार्टी के ऐस्टैब्लिशमेंट ने 2024 के चुनाव में फिर से बाइडन पर दांव लगाने का फैसला कर लिया है। बाइडन की राह आसान बनाने के लिए डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने फैसला किया है कि इस बार पार्टी के अंदर उम्मीदवारी के दावेदारों के बीच बहस नहीं होगी। इससे डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी पर दावा जता चुके दोनों नेता- रॉबर्ट केनेडी और मरियाना विलियम्सन नाराज हैं। विलियम्सन ने एक लंबे बयान में दावा किया है कि बाइडन ने 2020 के चुनाव में किए अपने खास वादों को पूरा नहीं किया। इसलिए अब उन्हें जवाबदेही से बचाने के लिए पार्टी नेतृत्व ने बहस की स्थापित पंरपरा को खत्म किया है।
विश्लेषकों के मुताबिक जो बाइडन की उम्र और सेहत अगले चुनाव अभियान में उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगी। अमेरिकी मीडिया के एक हिस्से में यह आम चर्चा है कि बाइडन की यादाश्त कमजोर हो गई है और शारीरिक रूप से भी वे पूरी तरह फिट नहीं हैं। आलोचकों के मुताबिक बाइडन के पास दिखाने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है, इसलिए उन्होंने ट्रंप का भय दिखाने की नकारात्मक रणनीति अपनाने का फैसला किया है। हालांकि बाइडन समर्थकों का दावा है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को खड़ा करने के क्षेत्र में बाइडन प्रशासन ने उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की हैं।
वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक बाइडेन की प्रचार टीम का आकलन है कि अगर ट्रंप रिपब्लिकन उम्मीदवार बने, तो दोनों नेताओं के बीच कड़ी टक्कर होगी। इसलिए बाइडन की टीम ने 2020 में सफल रही रणनीति को दोहराने का फैसला किया है। तब बाइडन ने ट्रंप से मुक्ति दिलाने के नारे के साथ चुनाव लड़ा था।