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Hindi News ›   World ›   100-year-old freedom fighter to be oldest candidate in Nepal's parliamentary election; to fight ex-PM Prachand

Nepal Election: पूर्व PM प्रचंड के खिलाफ 100 साल का शख्स मैदान में, देश को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने का वादा

Tue, 01 Nov 2022 05:31 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: Amit Mandal Updated Tue, 01 Nov 2022 05:31 PM IST
सार

पहली बार चुनाव लड़ रहे पोखरेल ने कहा कि मैंने लोगों को अधिकार देने और हमारे देश को फिर से एक हिंदू राज्य में बदलने के लिए अपनी उम्मीदवारी दायर की है।

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100-year-old freedom fighter to be oldest candidate in Nepal's parliamentary election; to fight ex-PM Prachand
Nepal election - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

स्वतंत्रता सेनानी टीका दत्ता पोखरेल 20 नवंबर को होने वाले नेपाल के संसदीय चुनाव में सबसे उम्रदराज उम्मीदवार होंगे, जो पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे और हिमालयी राष्ट्र को फिर से एक हिंदू राज्य में बदलने का लक्ष्य रखेंगे। सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस से अलग हुए धड़े नेपाली कांग्रेस (बीपी) के अध्यक्ष सुशील मान सेरचन के मुताबिक, गोरखा जिले में पैदा हुए पोखरेल ने 67 वर्षीय प्रचंड के खिलाफ 11 अन्य उम्मीदवारों के साथ गोरखा दो निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवारी दायर की है। चुनाव आयोग ने 99 साल की उम्र में उम्मीदवार के तौर पर उनका नाम दर्ज कराया है। पोखरेल सोमवार को 100 साल के हो गए। 

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चुनाव लड़ने वाले सबसे उम्रदराज उम्मीदवार
सेरचन ने कहा कि उनका स्वास्थ्य अच्छा है, वह चल और बात कर सकते हैं और राजनीति में सक्रिय हैं। सात बच्चों के पिता पोखरेल नेपाली कांग्रेस (बीपी) की ओर से चुनाव चिन्ह जलपोत के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। वह 20 नवंबर का चुनाव लड़ने वाले सबसे उम्रदराज उम्मीदवार हैं। नेपाल में 20 नवंबर को एक ही चरण में संघीय संसद और प्रांतीय विधानसभा के लिए चुनाव होंगे। सेरचन ने पोखरेल के हवाले से कहा कि देश में कोई असली नेता नहीं है और जो खुद को नेता बताते हैं वे सिर्फ पैसा कमाने के लिए आए हैं। 
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देश को फिर से एक हिंदू राज्य में बदलने के लिए चुनावी मैदान में
पहली बार चुनाव लड़ रहे पोखरेल ने कहा कि मैंने लोगों को अधिकार देने और हमारे देश को फिर से एक हिंदू राज्य में बदलने के लिए अपनी उम्मीदवारी दायर की है। नेपाल ने 2008 में अपनी 239 साल पुरानी हिंदू राजशाही को खत्म कर दिया था। जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने के लिए उनके घर आए लोगों से पोखरेल ने दावा किया कि वह प्रचंड को हराकर चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि गोरखा का पत्थर और मिट्टी जानती है कि मैं किस तरह का व्यक्ति हूं, और लोग मेरे प्रतिद्वंद्वी से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। पोखरेल ने टिप्पणी की कि इस देश के नेताओं ने नीति और सिद्धांत से परे जाकर लोगों की सेवा करने के बजाय देश को लूट लिया है। 
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उन्होंने सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस पार्टी की भी आलोचना करते हुए कहा कि नेपाली कांग्रेस माओवादी पार्टी के साथ गठबंधन कैसे कर सकती है, जिसने दशक भर के विद्रोह के दौरान नेपाली कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया था। नेपाली कांग्रेस ने भी गोरखा जिले से प्रचंड की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।

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