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शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण 1.4 अरब से ज्यादा वयस्कों के स्वास्थ्य को खतरा : डब्ल्यूएचओ
भाषा
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:20 PM IST
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डब्लूएचओ
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संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बुधवार को प्रकाशित एक नये अध्ययन में चेतावनी दी है कि अपर्याप्त शारीरिक गतिविधियों की वजह से दुनिया भर में 1.4 अरब से अधिक वयस्कों पर नाकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और इससे उनमें घातक बीमारियों का जोखिम अधिक है।
संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी के तथ्यों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 2001 से शारीरिक गतिविधियों के स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है और दुनिया भर में तीन में से एक महिला और चार में से एक पुरूष तंदुरुस्त रहने के लिए काफी सक्रिय नहीं रहते हैं।
लांसेट ग्लोबल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शारीरिक रूप से सक्रिय होने से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह के खतरे कम होने सहित मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही इसमें सक्रिय रहने से स्तन और पेट के कैंसर के खतरे कम होने के बारे में बताया गया है। इसके अलावा शारीरिक सक्रियता मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालती है जिससे डिमेंशिया को रोका जा सकता है और लोगों को वजन ठीक रखने में मदद मिलती है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के इस अध्ययन में मुख्य शोधकर्ता रेजिना गुथोल्ड ने कहा, ‘अन्य प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य जोखिमों के विपरीत दुनिया भर में अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि का स्तर औसत स्तर पर नहीं गिर रहा है और सभी वयस्कों में से एक चौथाई लोग अधिक अच्छे स्वास्थ्य के लिए शारीरिक गतिविधि के निर्धारित स्तर तक नहीं पहुंच रहे हैं।’
अध्ययन से विभिन्न देशों में अपर्याप्त शारीरिक गतिविधियों के स्तर का विवरण और दुनिया भर में और क्षेत्रीय रुझानों के अनुमान का पता लगता है।
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संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी के तथ्यों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 2001 से शारीरिक गतिविधियों के स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है और दुनिया भर में तीन में से एक महिला और चार में से एक पुरूष तंदुरुस्त रहने के लिए काफी सक्रिय नहीं रहते हैं।
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लांसेट ग्लोबल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शारीरिक रूप से सक्रिय होने से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह के खतरे कम होने सहित मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही इसमें सक्रिय रहने से स्तन और पेट के कैंसर के खतरे कम होने के बारे में बताया गया है। इसके अलावा शारीरिक सक्रियता मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालती है जिससे डिमेंशिया को रोका जा सकता है और लोगों को वजन ठीक रखने में मदद मिलती है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के इस अध्ययन में मुख्य शोधकर्ता रेजिना गुथोल्ड ने कहा, ‘अन्य प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य जोखिमों के विपरीत दुनिया भर में अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि का स्तर औसत स्तर पर नहीं गिर रहा है और सभी वयस्कों में से एक चौथाई लोग अधिक अच्छे स्वास्थ्य के लिए शारीरिक गतिविधि के निर्धारित स्तर तक नहीं पहुंच रहे हैं।’
अध्ययन से विभिन्न देशों में अपर्याप्त शारीरिक गतिविधियों के स्तर का विवरण और दुनिया भर में और क्षेत्रीय रुझानों के अनुमान का पता लगता है।