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The IMD has issued an alert for rain and thunderstorms in these states across the country.
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देश के इन राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का IMD ने जारी किया अलर्ट
भारत में मॉनसून की गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, देश के मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में अभी भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में मॉनसून की सक्रियता कम होने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों में कुछ स्थानों पर बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता और आवृत्ति में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।
दिल्ली-NCR के मौसम की बात करें तो 8 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क रहने के आसार हैं। राजधानी और आसपास के इलाकों में आसमान में हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन लगातार बारिश की संभावना कम रहेगी। तापमान में भी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-NCR में अधिकतम तापमान करीब 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश कम होने के साथ उमस और गर्मी का असर कुछ समय के लिए बढ़ सकता है, हालांकि बादलों की मौजूदगी से मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है।
उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य राज्यों में भी मॉनसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश के दौर में कमी आ सकती है। कई इलाकों में मौसम शुष्क हो सकता है, जबकि स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक की गतिविधि देखने को मिल सकती है। इसलिए बारिश में कमी को मॉनसून की तत्काल और पूरी विदाई के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में बारिश की स्थिति कई मौसमी प्रणालियों पर निर्भर करेगी। खास तौर पर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले लो-प्रेशर सिस्टम और मॉनसून ट्रफ की स्थिति बारिश को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव भी उत्तर भारत के मौसम पर पड़ सकता है। यदि इन प्रणालियों की स्थिति अनुकूल रहती है तो मॉनसून कमजोर होने के बावजूद कुछ
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