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Companies impose a cap on petrol and diesel sales; customers limited to a specific quantity!
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पेट्रोल-डीजल खरीदने की लिमिट तय! ग्राहकों को अब मिलेगी सिर्फ इतनी मात्रा
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Wed, 30 Sep 2026 03:45 AM IST
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कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है और इसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में तत्काल बदलाव नहीं हुआ है। इसी स्थिति के बीच देश की प्रमुख ईंधन कंपनियों ने कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री को सीमित करना शुरू किया है। रिपोर्ट के अनुसार, Reliance Industries और Nayara Energy ने कुछ आउटलेट्स पर ग्राहकों को बेचे जाने वाले ईंधन की मात्रा पर सीमा लगाई है। नायरा एनर्जी के कुछ पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की खरीद को अधिकतम 30 लीटर तक सीमित किया गया है। वहीं, डीजल की खरीद के लिए 200 लीटर तक की सीमा बताई गई है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया गया है कि इन कंपनियों की ओर से उठाए गए कदमों का उद्देश्य ईंधन की उपलब्धता को बनाए रखना और बड़े खरीदारों द्वारा जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदकर स्टॉक करने की संभावना को कम करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी ने अपने कुछ फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर यह सीमा लागू की है। इसका मतलब यह नहीं है कि देशभर में हर ग्राहक के लिए पेट्रोल और डीजल की खरीद पर समान सीमा लागू कर दी गई है, बल्कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार ये प्रतिबंध कुछ विशेष आउटलेट्स पर लगाए गए हैं। इसलिए किसी विशेष पेट्रोल पंप पर लागू सीमा की जानकारी वहां उपलब्ध निर्देशों से लेना जरूरी होगा।
इसी तरह Reliance BP Mobility, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज और ब्रिटिश पेट्रोलियम के संयुक्त उद्यम के रूप में काम करती है, ने भी अपने कुछ आउटलेट्स पर डीजल की बिक्री को प्रतिबंधित किया है। कंपनी की ओर से बताया गया है कि ये कदम मौजूदा मांग की परिस्थितियों के जवाब में उठाए गए हैं और इनका उद्देश्य ग्राहकों के लिए ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करना है। खास तौर पर औद्योगिक और अन्य गैर-परिवहन क्षेत्रों से डीजल की मांग बढ़ने की स्थिति में कंपनियां ईंधन की उपलब्धता को लेकर सावधानी बरत रही हैं।
यह पहली बार नहीं है जब ऐसी स्थिति में ईंधन बिक्री पर सीमा लगाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में मध्य-पूर्व संघर्ष के शुरुआती दौर में भी रिलायंस बीपी ने कुछ आउटलेट्स पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाए थे। उस समय होर्मुज स्ट्रेट के जरिए कच्चे तेल की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। मौजूदा हालात में भी कंपनियों का फोकस ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने और अचानक बढ़ी मांग को नियंत्रित करने पर है। आम ग्राहकों के लिए इसका मतलब यह है कि कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर एक बार में पेट्रोल या डीजल खरीदने की मात्रा सीमित हो सकती है। हालांकि, यह सीमा सभी पेट्रोल पंपों या सभी ग्राहकों पर समान रूप से लागू है, ऐसा उपलब्ध जानकारी से नहीं कहा जा सकता।
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