फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   wild creature burn into wildfire of uttarakhand

आग की लपटों में खाक हो रहे जंगली जीव और परिंदे

Mon, 02 May 2016 10:56 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 02 May 2016 10:56 AM IST
विज्ञापन
wild creature burn into wildfire of uttarakhand
एनडीआरएफ के जवान जंगल की आग बुझाते हुए। - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के मध्य हिमालयी क्षेत्र के जंगलों की आग ने इको सिस्टम के अहम घटकों को जला कर राख कर दिया है।

विज्ञापन


इस वक्त तीतर, बटेर, काली मुर्गी, लार्क का ब्रीडिंग सीजन है। जंगलों की आग में इनके अंडे, बच्चे जल कर खाक हो गए। साथ ही सांप, गिरगिट, मेंढक, लाला चींटी समेत अन्य छोटे जीव जंतुओं को भी नुकसान पहुंचा है। हजारों की संख्या में वास स्थल खत्म हो गए। वन्य जीव आरक्षित क्षेत्रों में लगी आग से सूअर, काकड़, गुलदार भी स्वाहा हो गए।

सरकारी आंकड़े कार्बेट नेशनल पार्क, राजाजी नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व समेत अन्य वन्य जीव आरक्षित क्षेत्रों में 558.15 हेक्टेयर क्षेत्र में सिर्फ 161 आग की घटनाएं बता रहे हैं, लेकिन हकीकत में स्थिति और भयावह है। स्थिति का सही आकलन अभी तक नहीं हो पाया है।

विज्ञापन

आग से वन्य जीवों के हालात भयावह

wild creature burn into wildfire of uttarakhand
भाघ - फोटो : अमर उजाला

यह तय है कि मानवों से ज्यादा वन्य जीवों को क्षति पहुंची है। अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर आदि जिलों में आग की स्थिति देखकर लौटी भारतीय वन्य जीव संस्थान के विज्ञानियों की टीम को वन्य जीवों के हालात भयावह मिले हैं।

विज्ञानियों का कहना है कि जमीन पर अंडे देने वाले पक्षियों का यह ब्रीडिंग सीजन है। उनके घोंसले जमीन पर होते हैं। आग से उनके बच्चे और अंडे जल गऐ। इसी तरह सांप, मेंढक और दूसरे रेप्टाइल्स भी जमीन पर रहते हैं, इनके वास स्थल भी खाक हो गए हैं।

इको सिस्टम के महत्वपूर्ण घटक कहे जाने वाले अन्य छोटे कीड़े-मकोड़े, चींटियों की प्रजातियां समेत अन्य जंतु भी जले हैं। पेड़ों पर रहने वाले पक्षियों को भी नुकसान हुआ। पेड़ों पर इनके घोंसले जल गए। साथ ही धुएं की वजह से बच्चे भी मर गए हैं। आग बुझाने वाली टीमों को आग में घिर जाने के कारण गुलदार, सूअर, काकड़ भी मरे हुए मिले।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed