बागियों के कदम से किसको फायदा? जानिए
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कांग्रेस के नौ बागियों के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग जहां इससे कांग्रेस का नुकसान मान रहा है। इनका मानना है कि इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा और कांग्रेस को कुछ सीटें गंवानी पड़ सकती हैं।
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बागी विधायकों के भाजपा का दामन थामने का राजनीतिक लाभ कांग्रेस को होगा। कुछ लोग इस सियासी घटनाक्रम में भाजपा का बड़ा फायदा देख रहे हैं।
इनका मानना है कि इन विधायकों में ज्यादातर ऐसे हैं जो अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखते हैं। ऐसे में ये भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो इसका लाभ भाजपा को हो सकता है।
पहले लिखी जा चुकी थी भाजपा में जाने की पटकथा
कांग्रेस के बागी विधायकों ने बेशक दो माह तक चले सियासी संकट के पटाक्षेप होने के बाद विधिवत भाजपा का दामन थाम लिया हो, लेकिन इनके पार्टी में शामिल होने की पटकथा 18 मार्च से पहले ही लिखी जा चुकी थी।
भाजपा सूत्रों की मानें तो इन सभी विधायकों को पहले ही आश्वस्त किया गया था कि यदि वे कांग्रेस का दामन छोड़ सदन में सरकार का विरोध करते हैं और उनके राजनीतिक कैरियर पर किसी भी प्रकार का खतरा आता है तो पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
भाजपा से जुड़े एक और आला पदाधिकारी की मानें तो इन सभी बागियों का भाजपा में शामिल होना पहले से ही तय था, जिसे अब अमलीजामा पहना दिया गया है।