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क्या है मुख्यमंत्री हरीश रावत का गेम प्लान, जानिए..
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 20 Mar 2016 10:44 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने पहले से ही ताजा स्थिति के मद्देनजर बना ली थी रणनीति।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के आत्म विश्वास के पीछे गेम प्लान क्या है?
मत विभाजन के हंगामे के दौरान रावत सदन में क्यों नहीं रहे?
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हरीश रावत
- फोटो : file photo
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विस्तार
मुख्यमंत्री हरीश रावत के आत्म विश्वास के पीछे गेम प्लान क्या है? ताजा राजनीतिक स्थिति का फायदा किसे मिलेगा कांग्रेस या भाजपा को? क्या बगावत करने वाले सारे कांग्रेस विधायक बागी हैं?
सत्र के पहले ही दिन से बगावत की आशंका पर मुख्यमंत्री रावत ने क्या रणनीति बनाई थी? मत विभाजन के हंगामे के दौरान रावत सदन में क्यों नहीं रहे? वगैरह-वगैरह।
ये सवाल महत्वपूर्ण इसलिए हैं कि इन पर आम लोग चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इन मुद्दों पर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने पहले से ही ताजा स्थिति के मद्देनजर रणनीति बना ली है।
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सत्र के पहले ही दिन से बगावत की आशंका पर मुख्यमंत्री रावत ने क्या रणनीति बनाई थी? मत विभाजन के हंगामे के दौरान रावत सदन में क्यों नहीं रहे? वगैरह-वगैरह।
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ये सवाल महत्वपूर्ण इसलिए हैं कि इन पर आम लोग चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इन मुद्दों पर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने पहले से ही ताजा स्थिति के मद्देनजर रणनीति बना ली है।
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मुख्यमंत्री सियासी अखाड़े के हैं मंजे हुए खिलाड़ी
हरीश रावत
- फोटो : file photo
उनके मुख्यमंत्री बनने के कुछ दिन बाद भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाई थी, यानी इस स्थिति के लिए वह पहले से तैयार रहे हैं।
बगावत के तुरंत बाद वे पांच विधायकों के लौटने की बात कर रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री ने अपने एक-दो समर्थक विधायकों को बागियों के गुट में मुखबिरी के लिए भेजा है।
भाजपा के रणनीतिकार भी इस दिशा में सोच रहे हैं। इसी तरह कांग्रेस आशंकित है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री का गेम प्लान पता लगाने के लिए अपने कुछ लोगों को यहां भेजा होगा।
राजनीतिक रणनीतिकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत सियासी अखाड़े के मंजे हुए खिलाड़ी हैं।
बगावत के तुरंत बाद वे पांच विधायकों के लौटने की बात कर रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री ने अपने एक-दो समर्थक विधायकों को बागियों के गुट में मुखबिरी के लिए भेजा है।
भाजपा के रणनीतिकार भी इस दिशा में सोच रहे हैं। इसी तरह कांग्रेस आशंकित है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री का गेम प्लान पता लगाने के लिए अपने कुछ लोगों को यहां भेजा होगा।
राजनीतिक रणनीतिकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत सियासी अखाड़े के मंजे हुए खिलाड़ी हैं।