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आपदा पीडितों के साथ मुख्यमंत्री ने ये क्या किया!

Wed, 18 Sep 2013 09:43 AM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Wed, 18 Sep 2013 09:43 AM IST
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what did Chief minister do with disaster victims!

आपदा प्रभावितों को मुख्यमंत्री ने तीन माह तक निशुल्क रसद देने की घोषणा की थी, लेकिन नंदप्रयाग के तेफना गांव के प्रभावितों को एक माह का राशन भी नसीब नहीं हो पाया।

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बीती 24 जुलाई को तेफना गदेरे में जल प्रलय होने से कई ग्रामीण बेघर हो गए थे। यहां स्वयंसेवी संस्थाओं ने तो कुछ राहत पहुंचाई, लेकिन जिला प्रशासन ने प्रभावितों की सुध तक नहीं ली। आज भी तेफना गांव के छह परिवारों के भवन आपदा में ध्वस्त होने से वे अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
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प्रभावितों को भवनों का मुआवजा तक नहीं मिल पाया है। तेफना गांव के पुन्ना लाल, गोविंद लाल, बल्लू लाल, विशन लाल का कहना है कि क्षेत्र में किराए पर लेने के लिए एक भी भवन नहीं है। वे पिछले तीन माह से रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।

इसी गांव के प्रभाकर और प्रेम सिंह भी अपने भवनों को खो देने के बाद से मंगरोली गांव में शरण लिए हुए हैं। प्रधान ऊषा देवी का कहना है कि ग्राम पंचायत तेफना सबसे अधिक आपदा प्रभावित है, लेकिन उन्हें एक माह का भी नि:शुल्क रसद नहीं मिल पाया है।


मुआवजा नहीं मिला
तेफना गांव के राजपाल सिंह का भवन 24 जुलाई को तेफना गदेरे में बादल फटने से बह गया था, लेकिन अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। राजपाल मुआवजे के लिए कर्णप्रयाग तहसील के कई चक्कर लगा चुके हैं। वह  मुआवजे के लिए आवश्यक कागजात और कर्णप्रयाग तक वाहन से जाने पर करीब 10 हजार भी खर्च कर चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।

रिश्तेदारों के यहां शरण
बांतोली गांव के वीर सिंह का भवन भी बाढ़ में बह गया था, लेकिन इन्हें अभी तक भवन का मुआवजा नहीं मिल पाया है। वीर सिंह का परिवार तेफना में रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए है। प्रभावित वीर सिंह का कहना है कि हमें तीन माह तो दूर एक माह तक का भी निशुल्क रसद नहीं मिल पाया है।

जून की आपदा से प्रभावित 84 गांवों के ग्रामीणों को एक माह का निशुल्क रसद वितरित कर दिया है। दो माह का राशन अभी हमें प्राप्त नहीं हो पाया है। तेफना में 24 जुलाई को आपदा आई। इसमें प्रभावित गांवों की सूची शासन को भेजी गई है।
- केएस राणा, जिला पूर्ति अधिकारी, चमोली

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