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उत्तराखंड में वीआईपी सुरक्षा में कटौती, गनर वापस

Tue, 12 Mar 2013 11:12 AM IST
देहरादून/अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 12 Mar 2013 11:12 AM IST
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VIP protection cuts in Uttarakhand, gunner back
वीआईपी के नाम पर दी गई सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के शिकंजे का असर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद लगभग तीन दर्जन बड़े लोगों के गनर वापस करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। देहरादून से 24 और हरिद्वार से 8 व्यक्तियों की सुरक्षा वापस ली गई है। इनमें दो गनर रखने वाले व ऐसे लोग भी हैं जिन्हें समीक्षा में पात्र नहीं पाया गया। यह हलफनामा सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल किया जाना है।
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अमर उजाला ने 19 फरवरी को सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने में हुए गोलमाल का खुलासा किया था। इसके बाद रिव्यू का सिलसिला जारी रहा। सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले में अभी भी सुनवाई चल रही है। हलफनामा दाखिल करने के लिए प्रमुख सचिव गृह ओमप्रकाश ने सोमवार को पुलिस विभाग के अफसरों के साथ बैठक में वीआईपी सुरक्षा दिए जाने का रिव्यू किया। इसके बाद सारी पत्रावली मुख्यमंत्री को भेज दी गई।
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सोमवार को सीएम का अनुमोदन मिलने के बाद सभी जिलों को गनर वापस करने के निर्देश जारी कर दिए गए। देहरादून जिले से 24 नेताओं, आयोग में तैनात आयुक्तों, अन्य वैधानिक पदों पर तैनात अफसरों से गनर वापस लिए गए हैं। सूचना आयोग में तैनात सभी आयुक्तों से भी गनर वापस ले लिए गए हैं। ऐसे लोगों के गनर भी वापस हुए हैं जिन्होंने दो-दो जिलों से गनर लिए थे। उधर, हरिद्वार जिले से भी आठ नेताओं के गनर वापस कर लिए गए हैं।
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इनकी सुरक्षा वापस ली गई
पूर्व मंत्री प्रकाश पंत
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना
मुख्य सूचना आयुक्त एनएस नपलच्याल
सूचना आयुक्त अनिल शर्मा व प्रभात डबराल
सहकारिता न्याय अधिकरण की चेयरमैन इंदिरा आशीष
हज कमेटी के चेयरमैन हाजी राव शेर मुहम्मद
विशेष जांच आयोग बीसी कांडपाल
उपाध्यक्ष न्याय लोक सेवा अभिकरण के उपाध्यक्ष वीके माहेश्वरी
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कंडारी
भाजपा नेता उमेश अग्रवाल
डीआईटी के निदेशक अमित अग्रवाल व अनुज अग्रवाल
ग्राफिक एरा विवि के कुलपति कमल घनसाला
एनडी तिवारी के ओएसडी भवानी दत्त भट्ट
विधायक हरबंश कपूर के पुत्र अमित कपूर
डीएवी कॉलेज के प्राचार्य देवेंद्र भसीन
विनोद बड़थ्वाल, सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
जैविक उत्पाद परिषद की उपाध्यक्ष लक्ष्मी राणा
पत्रकार राहुल भाटिया
बसपा नेता मनोज शर्मा
पूर्व कांग्रेस सचिव विशाल डोभाल

सालाना खर्च होता है तीस करोड़
देहरादून। राज्य में वीआईपी सुरक्षा पर सालाना तीस करोड़ रुपया खर्च हो रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकार की तरफ से जो हलफनामा सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल किया था उसके अनुसार यह रकम खर्च होनी दर्शाई गई है। लेकिन कटौती के बाद शायद खर्च कुछ कम हो सके।

सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामे का विवरण
व्यक्तिगत सुरक्षा में लगे कर्मियों की संख्या        440
गारद के रूप में तैनात पुलिसकर्मी            210
पीएसी की कंपनी                02
सुरक्षा पर सालाना होने वाला खर्च 30 करोड़ रुपए
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