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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Varun Gandhi is unhappy with the education policy of country.

BJP  के फायरब्रांड वरुण गांधी ने कहा बेकार डिग्रियां बंद करो

Tue, 05 Apr 2016 07:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 05 Apr 2016 07:39 PM IST
सार

  • नए और प्रैक्टिकल नॉलेज पर आधारित कोर्सेज शुरू करने की पैरवी 
  • कहा, देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर काम करने की जरूरत
  • कुछ कोर्सेज में थ्योरी के साथ व्यवहारिक ज्ञान पर करना होगा फोकस 
  • देश की वर्तमान शिक्षा नीति से खुश नजर नहीं आए भाजपा सांसद 

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Varun Gandhi is unhappy with the education policy of country.
वरुण गांधी - फोटो : amar ujala

विस्तार

भाजपा के फायरब्रांड नेता वरुण गांधी वर्तमान में देश की शिक्षा पॉलिसी से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपनी शिक्षा व्यवस्था से आउटडेटेड हो चुकी डिग्रियों को बाय-बाय कह दें। 
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इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि आज देश में 20 प्रतिशत पोस्ट ग्रेजुएट हैं, इनमें से 27 प्रतिशत युवा ऐसे हैं जिन्हें डिग्री लेने के तीन साल बाद भी रोजगार नहीं मिला है। इसके अलावा पिछली सरकारों को कोसते हुए उन्होंने कहा कि देश के हालात यह है कि एजुकेशन पॉलिसी में बदलाव करने में 26 साल लग गए। 
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आज की जरूरत के मुताबिक विश्वविद्यालय में नए और प्रैक्टिकल नॉलेज पर आधारित कोर्सेज शुरू किए जाएं। साथ ही स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी बड़े सुधार की गुंजाइश बताई। वरुण गांधी बाबा फरीद इंस्टीट्यूट में चल रहे टेकभनोजश्न के समापन समारोह में हिस्सा लेने के लिए दून आए थे। 
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राजनीति सवालों से बचे लेकिन देश के हालात पर खुलकर बोले गांधी

मंगलवार को दून पहुंचे यूपी के सुल्तानपुर से बीजेपी सांसद वरुण गांधी वैसे तो राजनीतिक सवालों बचते नजर आए लेकिन देश के हालात पर खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल साइंस, सोश्योलॉजी, सोशल वर्क जैसे कई कोर्स ऐसे हैं जो केवल किताबी ज्ञान तक सीमित हैं। 

बेहतर हो कि अगर पॉलिटिकल साइंस के छात्रों को किसी पंचायत, नगर पालिका, पॉलिटिकल पार्टी, संसद, विधानसभा में इंटर्नशिप के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इंफोसिस जैसी मल्टीनेशनल कंपनी को अपने कर्मचारियों की शिक्षा और ट्रेनिंग पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिसमें 68 प्रतिशत कर्मचारी आईआईटी और आईआईएम से पासआउट थे।

ऐसे हालात में अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारी शिक्षा किस स्तर की है। उन्होंने स्किल्स पर जोर देते हुए इस ओर बदलाव की जरूरत बताई। स्वास्थ्य सुविधाओं में बारे में भी उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ के सर्वेक्षण के मुताबिक एक हार्ट सर्जरी में औसत डेढ़ लाख का खर्च आता है। लेकिन आम ग्रामीण परिवार की मासिक आय महज पांच हजार रुपये होती है। 

हर साल इलाज के अभाव में मर जाते है लाखों लोग

Varun Gandhi is unhappy with the education policy of country.
वरुण गांधी - फोटो : amar ujala

ऐसे में हर साल लाखों लोग इलाज के अभाव में मर जाते हैं। सांसद ने संस्थान परिसर में एक पौधा रोंपा। इस मौके पर गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेएल कौल, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान, बीएफआईटी के चेयरमैन जोगेंदर सिंह, निदेशक अनिंदर सिंह, कुलसचिव भूपेंद्र सिंह, अरिवंदर, देवेंद्र प्रसाद, शिखा त्यागी, सोनाक्षी शर्मा, प्रियंका रतूड़ी सहित भारी संख्या में छात्र मौजूद रहे। 

किसानों पर खास ध्यान देने की जरूरत
सांसद वरुण गांधी ने कहा कि देश में हर साल लाखों किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने पीलीभीत, मुरादाबाद, इलाहाबाद के किसानों का हवाला देते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने समाज के उच्च वर्ग के साथ मिलकर सैकड़ों किसान परिवारों के लिए आजीविका के साधन मुहैया कराए हैं।

इसके अलावा जैविक खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि वह खुद अपनी तनख्वाह से एक लाख रुपये का चेक किसानों को देते हैं। छात्रों से भी आह्वान किया कि वह जो भी कमाएं उसका कुछ हिस्सा जरूरतमंदों को जरूर दें।

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