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यमुना मंदिर पर मंडराया भूस्खलन का खतरा

Mon, 27 Jul 2020 10:58 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2020 10:58 PM IST
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Yamuna temple threatened by landslide
बारिश में सक्रिय हुए भूस्खलन से खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर खतरे की जद में आ गया है। मंदिर परिसर की सुरक्षा दीवार ढहने से खतरा बढ़ता जा रहा है। तीर्थ पुरोहितों ने प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
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पंच पंडा समिति के अध्यक्ष वेदप्रकाश उनियाल, आशुतोष उनियाल ने बताया कि रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन सक्रिय हो रहा है। खरसाली गांव में मां यमुना के शीतकालीन प्रवास वाला यमुना मंदिर भी भूस्खलन के चलते खतरे की चपेट में आ गया है। मंदिर परिसर की सुरक्षा दीवार ढह गई है। समय रहते इसका उपचार नहीं किया गया, तो भूस्खलन का दायरा बढ़ने से मंदिर पर भी संकट मंडराएगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना देकर शीघ्र सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है।
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यमुनोत्री हाईवे समेत संपर्क मार्ग अवरुद्ध
उत्तरकाशी/बड़कोट। मानसून की बारिश जिले की सड़कों पर भारी पड़ रही है। रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से यमुनोत्री हाईवे ओजरी डबरकोट एवं पाली गाड़ में अवरुद्ध हो गया। ईशाली खड्ड में आए उफान से आराकोट भूटाणू मोटर मार्ग पर भी यातायात ठप हो गया। इसके अलावा भुक्की कुज्जन एवं गजोली भंकोली मोटर मार्ग भी भूस्खलन से अवरुद्ध हुए।
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रविवार रात हुई बारिश से ओजरी डबरकोट में भूस्खलन सक्रिय होने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया था, जबकि पाली गाड़ में भूस्खलन और भारी पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। एनएच के कर्मचारियों ने सोमवार सुबह दस बजे ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में मलबा हटाकर यातायात बहाल किया, जबकि पाली गाड़ में गिरे बड़े पेड़ को हटाने में कर्मचारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। यहां दोपहर एक बजे यातायात बहाल हो पाया।
उधर, मोरी प्रखंड के आराकोट क्षेत्र में ईशाली खड्ड में आए उफान से रविवार को आराकोट-भूटाणू मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गया था। ईशाली निवासी किशोर सिंह राणा ने बताया कि सोमवार को यहां खड्ड में आया मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु की गई है, लेकिन अभी भी यहां सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है। आराकोट-चिवां मोटर मार्ग भी मोल्डी के पास अवरुद्ध है। इधर गंगा घाटी में भुक्की-कुज्जन और गजोली भंकोली मोटर मार्ग भी भूस्खलन से अवरुद्ध है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि यमुनोत्री हाईवे और आराकोट भुटाणू मोटर मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि शेष मार्गों पर कार्य प्रगति पर है।
हाईवे पर जमे मलबे पर फिसल रहे वाहन
कोटद्वार। एनएच पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच हो रही लगातार बारिश के चलते पहाड़ी दरक रही है, जिससे वाहन फिसल रहे हैं। स्थानीय नागरिक अनिल भट्ट, दीपक ध्यानी, राजेंद्र सिंह नेगी ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पर लोगों को खतरे में डालने का आरोप लगाया। कहा कि एनएच से मलबा साफ नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क पर वाहन फिसलकर खतरे में आवागमन कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी विभाग मार्ग से मलबा नहीं हटा रहा है। जेई अरविंद जोशी ने बताया कि उन्हें मलबा जमा होने की जानकारी नहीं है, शीघ्र समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

चमोली के 200 गांवों में 12 घंटे बिजली गुल
गोपेश्वर। चमोली जिले के जोशीमठ, दशोली और घाट विकास खंडों के करीब 200 गांवों में करीब 12 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। श्रीनगर और कर्णप्रयाग के बीच 66 केवी की विद्युत लाइन में फाल्ट आने से बीते रात करीब दो बजे विद्युत सप्लाई ठप पड़ गई थी। सोमवार को ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने लाइन का सुधारीकरण कार्य किया, जिसके बाद दोपहर दो बजे तक बिजली सप्लाई सुचारु हो पाई। ईई कैलाश कुमार ने बताया कि भारी बारिश के कारण विद्युत लाइन में फाल्ट आने से सप्लाई बाधित हो गई थी।
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