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ग्रामीणों ने एई और जेई को किया दफ्तर में बंद

Wed, 04 Aug 2021 07:00 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 07:00 PM IST
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Villagers locked AE and JE in the office
पीएमजीएसवाई कार्यालय में एई और जेई को कुंडी लगाकर दफ्तर में बंद करता एक ग्रामीण। - फोटो : UTTER KASHI
सड़क निर्माण की जद में आई कृषि भूमि का सात वर्ष बाद भी मुआवजा न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को पीएमजीएसवाई कार्यालय में प्रदर्शन किया। ढोल-दमाऊं के साथ हाथों में बोरियां लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने आज दो अभी दो, अनाज दो या मुआवजा दो के नारे लगाए। कार्यालय में अधिशासी अभियंता के नहीं मिलने ग्रामीणों ने एई व जेई को कमरे में बंद कर दिया। हालांकि करीब आधे घंटे बाद ग्रामीणों को 10 सितंबर तक मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया गया, जिस पर वे शांत हुए और दरवाजा खोल दिया।
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जिला मुख्यालय से छह किमी की दूरी पर स्थित ज्ञानसू ज्ञाणजा मोटर मार्ग प्रभावित साल्ड व ज्ञाणजा गांव के ग्रामीण लंबे समय से मोटर मार्ग निर्माण की जद में आई भूमि का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुजा नेगी, ग्राम प्रधान साल्ड संजू नेगी, प्रधान ज्ञाणजा ममलेश भट्ट के नेतृत्व में ग्रामीण जोशियाड़ा स्थित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यालय पहुंचे। जहां ढोल-दमाऊं के साथ ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ईई के नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने एई व जेई को कमरे में बंद कर दिया। हालांकि करीब आधे घंटे बाद ही बातचीत के लिए कुंडी खोल दी गई।
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प्रधान ने कहा कि वर्ष 2014 में साल्ड और ज्ञाणजा के गांव के 100 से अधिक परिवारों की खेती की भूमि को सड़क के लिए काटा गया, लेकिन आजतक ग्रामीणों को फसल, दबान व भूमि का मुआवजा नहीं मिल पाया है। पहले एडीबी और अब पीएमजीएसवाई विभाग मुआवजे के नाम पर ग्रामीणों को चक्कर कटवा रहे हैं।
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सहायक अभियंता आशीष भट्ट ने जनप्रतिनिधियों की अधीक्षण अभियंता से फोन पर बात कराई, जिसमें एससी ने दो माह का समय मुआवजा देने के लिए मांगा। बाद में ईई व एई ने 10 सितंबर तक मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शनकारियों सुरजीत राणा, मनोज नेगी, इंद्रमणि भट्ट, पूर्व प्रधान राजेश राणा, रणवीर पंवार, बलदेव राणा, लक्ष्मण सिंह महर, जगवीर सिंह, विजयलक्ष्मी, विजया महर, आनन्द पंवार, भगवान सिंह, संतोष भट्ट, रविराज पंवार, हेमराज पंवार, शिवा भट्ट, जीवानंद सेमवाल, प्रवेश राणा, भरत सिंह, शेषमल्ल, त्रिलोक, सुधीश, भगवान सिंह आदि शामिल रहे।
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