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ठंड में नहीं हुआ उत्साह कम, माघ मेले में कलाकारों ने बिखेरे रंग
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झमाझम बारिश और कड़ाके की ठंड ने मेले में कलाकारों के उत्साह को कम नहीं किया। एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर कलाकारों ने मेेले में रंग बिखेरे। जबकि दर्शकों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों को हौसला बढ़ाया और इस तरह पौराणिक बाड़ाहाट कू थौलू माघ मेले में चौथे दिन भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। हालांकि बारिश के कारण मेला परिसर में अधिक दुकानें व विभाग के स्टाल नहीं लग पाए।
बृहस्पतिवार को माघ मेला की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी लोगों को मकर संक्रांति व माघ मेले की शुभकामनाएं दीं। इस बीच लोक कलाकार सनी दयाल, विनोद चौहान और प्रियंका पंवार ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। उनके द्वारा प्रस्तुत ‘बिमला तेरे होटले’ ‘पल पल न माने टिंकू जिया’ ‘बिडरु न मानिए मेने जाण चुडपुडा’ ‘बांकी चंदूरा’ ‘धारु फांडे आगे कुखड़ी मामा’ आदि जौनसारी व जौनपुरी गीतों ने सभी दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शुक्रवार सुबह मेला मंच पर पंचायतीराज विभाग की गोष्ठी में अधिकारियों ने लोगों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया। इसके बाद मोरी ब्लॉक के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें विजय नेगी, किरन चौहान आदि कलाकारों ने पारंपरिक लोक गीत व नृत्य की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ.स्वराज विद्वान बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुईं। मेेले में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण , जिला पंचायत उपाध्यक्ष कविता परमार, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतुरा, मनीष राणा, शशि कुमाई, सरिता चौहान, प्रदीप भट्ट, मधु भटवान, जयमाला रौतेला, मनोज मिनान, आनंद लाल भटवाण, अपर मुख्य अधिकारी संजय कुमार, शिवरतन रावत, राजाराम भट्ट आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
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खेती बागवानी के लिए वरदान साबित होगी इस बार की बर्फबारी : उनियाल
उत्तरकाशी। माघ मेले में पहुंचे उत्तरकाशी पहुंचे कृषि मंत्री सुबोध उनियाल नेे कृषि बागवानी के विकास व किसानों की आर्थिकी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार हो रही बर्फबारी खेती बागवानी और जलस्रोतों के लिए वरदान साबित होगी। सरकार किसानों की आय दोगुना करने और रिवर्स पलायन पर कार्य कर रही है।
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कृषि मंत्री ने कहा कि इस बार की बर्फबारी निश्चित ही खेती बागवानी के लिए वरदान साबित होगी। इससे जलस्रोत रिचार्ज होने से गर्मियों में पानी की समस्या भी कम होगी। उन्होंने कहा कि खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर कृषि यंत्र मुहैया कराए जा रहे हैं। कहा कि उत्तराखंड के चारों धामों के साथ ही अन्य मंदिरों में दस हजार टन फूलों की खपत है। ऐसे में किसानों को फूलों की खेती के लिए आगे आना चाहिए। सरकार ने इसके लिए फ्लोरीकल्चर नीति लागू की है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से बांस की पैदावार करने को भी कहा। ताकि आय के साधन तैयार होने के साथ ही जंगली जानवरों से खेती को भी सुरक्षित किया जा सके। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, एसडीएम आकाश जोशी, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतुरा, मनीष राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नत्थीलाल शाह, पूर्व उपाध्यक्ष प्रकाश रमोला आदि अनेक लोग मौजूद रहे। (ब्यूरो)
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चौंरी में हुआ बाड़ागड्डी क्षेत्र की देव डोलियों का मिलन
उत्तरकाशी। पौराणिक माघ मेले के चौथे दिन शुक्रवार को भी भैरव चौक स्थित चमाला की चौंरी पर देव डोलियों का मिलन हुआ। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तरकाशी जिले की समृद्ध संस्कृति व आस्था की अनूठी झलक पेश की गई।
वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार शुक्रवार को बाड़ागड्डी क्षेत्र के ग्रामीणों ने नगर क्षेत्र में अपने आराध्य हरि महाराज सहित नाग देवता, खंडद्वारी माता, हुण देवता, नादभूत देवता, शंकर देवता आदि देवी देवताओं की भव्य यात्रा निकाली। इसके बाद सभी लोग भैरव चौक स्थित चमाला की चौंरी में पहुंचे। जहां विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ सभी देव डोलियों का मिलन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने देवताओं की पूजा अर्चना कर उनसे सुख समृद्धि की मन्नतें मांगी। साथ ही ढोल दमाऊं आदि पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर लोक नृत्य किया। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को देव डोलियां कोटी गांव में प्रवास करेंगी। जबकि शनिवार को एक बार फिर से चमाला की चौंरी पर मिलन के बाद सभी देव डोलियां अपने-अपने मूल गांवों को लौट जाएंगी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य रविंद्री गुसांई, हरिमहाराज के पश्वा उत्तम मिश्रा, सत्यनारायण, दिवाकर भट्ट, विजय पंवार, विनोद गुसांई, रोशन शाह, राम सिंह गुंसाई, शंभू सिंह गुसांई, यशवंत कलूड़ा, देवेंद्र नाथ, चतर सिंह, शूरवीर सिंह, सुंदर सिंह आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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बृहस्पतिवार को माघ मेला की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी लोगों को मकर संक्रांति व माघ मेले की शुभकामनाएं दीं। इस बीच लोक कलाकार सनी दयाल, विनोद चौहान और प्रियंका पंवार ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। उनके द्वारा प्रस्तुत ‘बिमला तेरे होटले’ ‘पल पल न माने टिंकू जिया’ ‘बिडरु न मानिए मेने जाण चुडपुडा’ ‘बांकी चंदूरा’ ‘धारु फांडे आगे कुखड़ी मामा’ आदि जौनसारी व जौनपुरी गीतों ने सभी दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शुक्रवार सुबह मेला मंच पर पंचायतीराज विभाग की गोष्ठी में अधिकारियों ने लोगों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया। इसके बाद मोरी ब्लॉक के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें विजय नेगी, किरन चौहान आदि कलाकारों ने पारंपरिक लोक गीत व नृत्य की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ.स्वराज विद्वान बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुईं। मेेले में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण , जिला पंचायत उपाध्यक्ष कविता परमार, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतुरा, मनीष राणा, शशि कुमाई, सरिता चौहान, प्रदीप भट्ट, मधु भटवान, जयमाला रौतेला, मनोज मिनान, आनंद लाल भटवाण, अपर मुख्य अधिकारी संजय कुमार, शिवरतन रावत, राजाराम भट्ट आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
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खेती बागवानी के लिए वरदान साबित होगी इस बार की बर्फबारी : उनियाल
उत्तरकाशी। माघ मेले में पहुंचे उत्तरकाशी पहुंचे कृषि मंत्री सुबोध उनियाल नेे कृषि बागवानी के विकास व किसानों की आर्थिकी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार हो रही बर्फबारी खेती बागवानी और जलस्रोतों के लिए वरदान साबित होगी। सरकार किसानों की आय दोगुना करने और रिवर्स पलायन पर कार्य कर रही है।
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कृषि मंत्री ने कहा कि इस बार की बर्फबारी निश्चित ही खेती बागवानी के लिए वरदान साबित होगी। इससे जलस्रोत रिचार्ज होने से गर्मियों में पानी की समस्या भी कम होगी। उन्होंने कहा कि खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर कृषि यंत्र मुहैया कराए जा रहे हैं। कहा कि उत्तराखंड के चारों धामों के साथ ही अन्य मंदिरों में दस हजार टन फूलों की खपत है। ऐसे में किसानों को फूलों की खेती के लिए आगे आना चाहिए। सरकार ने इसके लिए फ्लोरीकल्चर नीति लागू की है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से बांस की पैदावार करने को भी कहा। ताकि आय के साधन तैयार होने के साथ ही जंगली जानवरों से खेती को भी सुरक्षित किया जा सके। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, एसडीएम आकाश जोशी, जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कैंतुरा, मनीष राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नत्थीलाल शाह, पूर्व उपाध्यक्ष प्रकाश रमोला आदि अनेक लोग मौजूद रहे। (ब्यूरो)
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चौंरी में हुआ बाड़ागड्डी क्षेत्र की देव डोलियों का मिलन
उत्तरकाशी। पौराणिक माघ मेले के चौथे दिन शुक्रवार को भी भैरव चौक स्थित चमाला की चौंरी पर देव डोलियों का मिलन हुआ। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तरकाशी जिले की समृद्ध संस्कृति व आस्था की अनूठी झलक पेश की गई।
वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार शुक्रवार को बाड़ागड्डी क्षेत्र के ग्रामीणों ने नगर क्षेत्र में अपने आराध्य हरि महाराज सहित नाग देवता, खंडद्वारी माता, हुण देवता, नादभूत देवता, शंकर देवता आदि देवी देवताओं की भव्य यात्रा निकाली। इसके बाद सभी लोग भैरव चौक स्थित चमाला की चौंरी में पहुंचे। जहां विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ सभी देव डोलियों का मिलन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं ने देवताओं की पूजा अर्चना कर उनसे सुख समृद्धि की मन्नतें मांगी। साथ ही ढोल दमाऊं आदि पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर लोक नृत्य किया। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को देव डोलियां कोटी गांव में प्रवास करेंगी। जबकि शनिवार को एक बार फिर से चमाला की चौंरी पर मिलन के बाद सभी देव डोलियां अपने-अपने मूल गांवों को लौट जाएंगी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य रविंद्री गुसांई, हरिमहाराज के पश्वा उत्तम मिश्रा, सत्यनारायण, दिवाकर भट्ट, विजय पंवार, विनोद गुसांई, रोशन शाह, राम सिंह गुंसाई, शंभू सिंह गुसांई, यशवंत कलूड़ा, देवेंद्र नाथ, चतर सिंह, शूरवीर सिंह, सुंदर सिंह आदि मौजूद रहे। (संवाद)