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Uttarkashi News: उपसचिव की वनीकरण की मुहीम ने लिया अभियान का रूप
Sun, 02 Feb 2025 06:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 02 Feb 2025 06:45 PM IST
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दुचाणु गांव में शुरू किया गया है अभियान
उत्तरकाशी। हिमाचल प्रदेश सीमा से सटे दूरस्थ बंगाण क्षेत्र के गांव के युवाओं ने वनीकरण को एक वृहद अभियान का रूप दे दिया है। दुचाणु गांव से उत्तराखंड शासन में तैनात उपसचिव की यह मुहीम आराकोट-बंगाण क्षेत्र में आई आपदा के बाद शुरू की गई थी। विभिन्न गांव के युवा जहां संगठन बनाकर वनीकरण कर रहे हैं, वहीं वनाग्नि से निपटने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
बंगाण क्षेत्र के दूरस्थ गांव दुचाणु गांव में आई आपदा के बाद युवाओं ने शासन में तैनात उपसचिव देवेंद्र चौहान की मुहीम पर दिशला यंग क्लब के नाम से एक संगठन तैयार किया। संगठन प्रत्येक वर्ष अपने गांव और आसपास करीब 3 से 5 हजार पौध रोपण कर रहा है। इसमें युवा सबसे अधिक देवदार, बांज, बुरांश और कैल आदि के पौध लगा रहे हैं।
युवाओं के प्रयास से यह ग्रोथ रेट करीब 70 से 80 प्रतिशत है। वहीं दुचाणु गांव में शुरू हुई यह मुहीम अब क्षेत्र के कोटीगाड सहित मासमोरा और पिगंल पट्टी के गांव के युवाओं ने भी इस अभियान आगे बढ़ाया है। बीते बृहस्पतिवार को दिशला यंग क्लब के युवाओं ने पूरी रात दुचाणु और किराणु गांव के बीच के जंगलों में लगी आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। दुचाणु गांव निवासी और उपसचिव देवेंद्र चौहान ने बताया कि वर्ष 2019 में जब क्षेत्र में आई आपदा आई थी, तो यह देखा गया था कि माकुड़ी गांव को उसके ऊपर स्थित मोरू के पेड़ों के जंगलों ने बचाया था। चौहान ने बताया कि जल्द ही गांव में ही देवदार और बांज बुरांश की नर्सरी तैयार की जाएगी
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उत्तरकाशी। हिमाचल प्रदेश सीमा से सटे दूरस्थ बंगाण क्षेत्र के गांव के युवाओं ने वनीकरण को एक वृहद अभियान का रूप दे दिया है। दुचाणु गांव से उत्तराखंड शासन में तैनात उपसचिव की यह मुहीम आराकोट-बंगाण क्षेत्र में आई आपदा के बाद शुरू की गई थी। विभिन्न गांव के युवा जहां संगठन बनाकर वनीकरण कर रहे हैं, वहीं वनाग्नि से निपटने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
बंगाण क्षेत्र के दूरस्थ गांव दुचाणु गांव में आई आपदा के बाद युवाओं ने शासन में तैनात उपसचिव देवेंद्र चौहान की मुहीम पर दिशला यंग क्लब के नाम से एक संगठन तैयार किया। संगठन प्रत्येक वर्ष अपने गांव और आसपास करीब 3 से 5 हजार पौध रोपण कर रहा है। इसमें युवा सबसे अधिक देवदार, बांज, बुरांश और कैल आदि के पौध लगा रहे हैं।
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युवाओं के प्रयास से यह ग्रोथ रेट करीब 70 से 80 प्रतिशत है। वहीं दुचाणु गांव में शुरू हुई यह मुहीम अब क्षेत्र के कोटीगाड सहित मासमोरा और पिगंल पट्टी के गांव के युवाओं ने भी इस अभियान आगे बढ़ाया है। बीते बृहस्पतिवार को दिशला यंग क्लब के युवाओं ने पूरी रात दुचाणु और किराणु गांव के बीच के जंगलों में लगी आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। दुचाणु गांव निवासी और उपसचिव देवेंद्र चौहान ने बताया कि वर्ष 2019 में जब क्षेत्र में आई आपदा आई थी, तो यह देखा गया था कि माकुड़ी गांव को उसके ऊपर स्थित मोरू के पेड़ों के जंगलों ने बचाया था। चौहान ने बताया कि जल्द ही गांव में ही देवदार और बांज बुरांश की नर्सरी तैयार की जाएगी
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