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Uttarkashi News: विभागीय कार्यों के लिए लगा रहे नई टिहरी के चक्कर
Wed, 01 Jul 2026 04:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 01 Jul 2026 04:27 PM IST
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लोगों की मांग पर सौंदी गांव को किया गया था उत्तरकाशी जिले में शामिल
विभागों के दस्तावेज हस्तांतरित नहीं किए जाने से लोगों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ
उत्तरकाशी। टिहरी जनपद से उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक में शामिल सौंदी गांव के ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय कार्यों के लिए अभी भी नई टिहरी की दौड़ लगानी पड़ रही है। उनका कहना है कि अभी कई विभागों की ओर से उनके दस्तावेज हस्तांतरित नहीं किए गए हैं। इससे सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
इस संबंध में गांव के पूर्व प्रधान आनंद सिंह पंवार और जयपाल सिंह चौहान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। डीएम को प्रेषित ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2023 में ग्राम पंचायत सौंदी को तहसील प्रतापनगर टिहरी गढ़वाल से पृथक कर गाजणा पट्टी, डुंडा जनपद उत्तरकाशी में शामिल कर दिया गया था।
इसके बावजूद चार वर्ष बीतने के बाद भी कई विभागों का संचालन अब भी टिहरी गढ़वाल से किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कार्यों और विकास योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा, बाल विकास, खाद्यान्न, जिला सहकारी, वन, पर्यटन, स्वास्थ्य, पशुपालन और समाज कल्याण विभागों को छोड़कर अधिकांश विभागों का संचालन अभी भी टिहरी से हो रहा है।
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इसके कारण प्रमाण पत्र, विकास कार्यों की स्वीकृति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार टिहरी जाना पड़ता है। जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बरबादी हो रही है। पूर्व प्रधान आनंद सिंह पंवार और जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि इस समस्या से प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने मांग की कि डुंडा ब्लॉक से संबंधित सभी विभागों का संचालन उत्तरकाशी से सुनिश्चित किया जाए। ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और विकास कार्यों में तेजी आए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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विभागों के दस्तावेज हस्तांतरित नहीं किए जाने से लोगों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ
उत्तरकाशी। टिहरी जनपद से उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक में शामिल सौंदी गांव के ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय कार्यों के लिए अभी भी नई टिहरी की दौड़ लगानी पड़ रही है। उनका कहना है कि अभी कई विभागों की ओर से उनके दस्तावेज हस्तांतरित नहीं किए गए हैं। इससे सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
इस संबंध में गांव के पूर्व प्रधान आनंद सिंह पंवार और जयपाल सिंह चौहान ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। डीएम को प्रेषित ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2023 में ग्राम पंचायत सौंदी को तहसील प्रतापनगर टिहरी गढ़वाल से पृथक कर गाजणा पट्टी, डुंडा जनपद उत्तरकाशी में शामिल कर दिया गया था।
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इसके बावजूद चार वर्ष बीतने के बाद भी कई विभागों का संचालन अब भी टिहरी गढ़वाल से किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कार्यों और विकास योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा, बाल विकास, खाद्यान्न, जिला सहकारी, वन, पर्यटन, स्वास्थ्य, पशुपालन और समाज कल्याण विभागों को छोड़कर अधिकांश विभागों का संचालन अभी भी टिहरी से हो रहा है।
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इसके कारण प्रमाण पत्र, विकास कार्यों की स्वीकृति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार टिहरी जाना पड़ता है। जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बरबादी हो रही है। पूर्व प्रधान आनंद सिंह पंवार और जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि इस समस्या से प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने मांग की कि डुंडा ब्लॉक से संबंधित सभी विभागों का संचालन उत्तरकाशी से सुनिश्चित किया जाए। ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और विकास कार्यों में तेजी आए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।