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दो साल से जमा नहीं हुआ मोरी ब्लाक कार्यालय का जीएसटी
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मोरी विकासखंड कार्यालय ने गत करीब दो वर्षों से अभी तक जीएसटी जमा नहीं किया है। मोरी विकासखंड कार्यालय यहां पुरोला स्थित एक प्राइवेट फर्म के माध्यम से जीएसटी जमा करता है। कार्यालय द्वारा तो फर्म को पूरी जीएसटी का भुगतान समय-समय किया गया था, लेकिन फर्म द्वारा अभी तक जीएसटी जमा नहीं किया गया है।
मोरी विकासखंड कार्यालय यहां पुरोला स्थित गौरी कंसल्टेंट फर्म के माध्यम से जीएसटी जमा करता है। कार्यालय द्वारा जून 2020 से फर्म को करीब साढ़े पांच लाख का भुगतान किया गया है, लेकिन फर्म द्वारा इस धनराशि को अभी तक सरकारी खजाने में जमा नहीं किया गया है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब जीएसटी कार्यालय से विकासखंड कार्यालय को जीएसटी जमा न करने का पत्र मिला। यही हाल पुरोला विकासखंड कार्यालय का है। हालांकि दोनों विकासखंड कार्यालयों ने फर्म को नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन जीएसटी का समय पर जमा न होना विकासखंड कार्यालय एवं फर्म की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
विकासखंड कार्यालय के कैशियर मदन सिंह चौहान ने बताया कि फर्म को कई बार इस संबंध में रिमाइंडर भेज दिया गया है। कई बार फर्म स्वामी से इस संबंध में वार्ता भी हो चुकी है। खंड विकास अधिकारी डा. अमित ममर्गाइं ने बताया कि इसकी रिकवरी करने की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में फर्म को नोटिस जारी कर दिया गया है। गौरी कंसल्टेंट के एडवोकेट चंद्र किशोर ने बताया कि जीएसटी ऑनलाइन जमा किया जाता है, लेकिन नेट की समस्या होने के कारण जीएसटी समय पर जमा नहीं हो पाया। अब इस पर विलंब शुल्क लग रहा है, जिसको देने के लिए विभाग तैयार ही नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों विकासखंड कार्यालय का करीब 11 लाख जीएसटी का पैसा उनके खाते में जमा है, जब तक विलंब शुल्क जमा नहीं किया जाता है। तब तक जीएसटी जमा नहीं हो पाएगा।
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मोरी विकासखंड कार्यालय यहां पुरोला स्थित गौरी कंसल्टेंट फर्म के माध्यम से जीएसटी जमा करता है। कार्यालय द्वारा जून 2020 से फर्म को करीब साढ़े पांच लाख का भुगतान किया गया है, लेकिन फर्म द्वारा इस धनराशि को अभी तक सरकारी खजाने में जमा नहीं किया गया है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब जीएसटी कार्यालय से विकासखंड कार्यालय को जीएसटी जमा न करने का पत्र मिला। यही हाल पुरोला विकासखंड कार्यालय का है। हालांकि दोनों विकासखंड कार्यालयों ने फर्म को नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन जीएसटी का समय पर जमा न होना विकासखंड कार्यालय एवं फर्म की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
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विकासखंड कार्यालय के कैशियर मदन सिंह चौहान ने बताया कि फर्म को कई बार इस संबंध में रिमाइंडर भेज दिया गया है। कई बार फर्म स्वामी से इस संबंध में वार्ता भी हो चुकी है। खंड विकास अधिकारी डा. अमित ममर्गाइं ने बताया कि इसकी रिकवरी करने की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में फर्म को नोटिस जारी कर दिया गया है। गौरी कंसल्टेंट के एडवोकेट चंद्र किशोर ने बताया कि जीएसटी ऑनलाइन जमा किया जाता है, लेकिन नेट की समस्या होने के कारण जीएसटी समय पर जमा नहीं हो पाया। अब इस पर विलंब शुल्क लग रहा है, जिसको देने के लिए विभाग तैयार ही नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों विकासखंड कार्यालय का करीब 11 लाख जीएसटी का पैसा उनके खाते में जमा है, जब तक विलंब शुल्क जमा नहीं किया जाता है। तब तक जीएसटी जमा नहीं हो पाएगा।
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